नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। आज राज्य गंगा समिति की प्रगति की समीक्षा को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिला पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में औरंगाबाद जिले से जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देशानुसार प्रभारी उप विकास आयुक्त इफ्तेखार अहमद, वरीय उप समाहर्ता रितेश कुमार यादव एवं बेबी प्रिया, जिला कृषि पदाधिकारी संदीप राज, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद, औरंगाबाद, कार्यपालक अभियंता लघु जल संसाधन विभाग एवं संबंधित अन्य पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव द्वारा राज्य गंगा समिति के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस क्रम में नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत सीवरेज एवं एसटीपी (STP) परियोजनाओं, इंटरसेप्शन एवं डायवर्जन (I&D) कार्यों, घाट एवं श्मशान घाट विकास कार्यों, हरियाली मिशन के अंतर्गत गंगा तटों पर वृक्षारोपण, जैविक खेती की प्रगति, औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन, जिला गंगा समितियों की नियमित बैठकों की अद्यतन स्थिति, अवैध बालू खनन की रोकथाम सहित राज्य गंगा समिति से संबंधित विभिन्न एजेंडों की बिंदुवार समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने सभी जिलों को निर्देश दिया कि राज्य गंगा समिति से संबंधित योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जिला गंगा समिति की नियमित बैठक आयोजित करने, लिए गए निर्णयों का प्रभावी अनुपालन करने, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा प्रगति प्रतिवेदनों को समय पर उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया। साथ ही गंगा एवं सहायक नदियों के संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन तथा स्वच्छता संबंधी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला गंगा समितियों द्वारा आयोजित बैठकों की समीक्षा के क्रम में वर्ष 2025-26 में औरंगाबाद जिले में निर्धारित 12 बैठकों के विरुद्ध 11 बैठकें आयोजित किए जाने की जानकारी प्रस्तुत की गई।
बैठक के उपरांत जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को मुख्य सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने, राज्य गंगा समिति से संबंधित सभी योजनाओं एवं कार्यों की नियमित समीक्षा करने, विभागीय समन्वय स्थापित करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रगति सुनिश्चित करने तथा आवश्यक प्रतिवेदन समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।