नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। अंबा स्थित संत जेवियर्स पब्लिक स्कूल की टाटा मैजिक वैन के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन में आ गया है। जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) और जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को जिले के सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों के वाहनों की व्यापक जांच कराने का निर्देश दिया है। साथ ही लापरवाही पाए जाने पर संबंधित स्कूल प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे अंबा स्थित संत जेवियर्स पब्लिक स्कूल के बच्चों को लेकर जा रही एक टाटा मैजिक वैन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नहर में पलट गई थी। इस हादसे में वाहन पर सवार करीब 15 स्कूली बच्चे घायल हो गए थे। घटना के बाद जिला पदाधिकारी ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए।
प्रारंभिक जांच में यह आशंका सामने आई है कि विद्यालय द्वारा बच्चों के परिवहन के लिए काफी पुरानी और जर्जर अवस्था की वैन का उपयोग किया जा रहा था। साथ ही स्कूल वाहन संचालन से संबंधित निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुपालन में भी लापरवाही की संभावना जताई गई है।
जिला पदाधिकारी ने संत जेवियर्स पब्लिक स्कूल के प्राचार्य से जर्जर वाहन के उपयोग के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है तथा स्कूल की परिवहन व्यवस्था और सुरक्षा मानकों के पालन की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
इसके अलावा जिला परिवहन पदाधिकारी से दुर्घटनाग्रस्त वाहन के परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा, स्कूल वाहन संबंधी नियमों के अनुपालन तथा वाहन के विरुद्ध पूर्व में की गई किसी कार्रवाई का पूरा विवरण तत्काल उपलब्ध कराने को कहा गया है।
वहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी को घटना पर विस्तृत प्रतिवेदन सौंपने के साथ-साथ जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों की परिवहन व्यवस्था की समग्र जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने स्पष्ट कहा है कि जिले में बच्चों के आवागमन के लिए केवल वैध दस्तावेजों, फिटनेस प्रमाणपत्र और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करने वाले वाहनों का ही संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि जांच के दौरान यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित स्कूल प्रबंधन एवं जिम्मेदार पदाधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने कहा है कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्कूल परिवहन से जुड़े सभी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। इस दुर्घटना ने एक बार फिर स्कूल वाहनों की फिटनेस, सुरक्षा व्यवस्था और चालकों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।