टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति की मुख्य सचिव ने की समीक्षा
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। आज टीबी मुक्त भारत कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिला पदाधिकारियों, सिविल सर्जनों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में औरंगाबाद जिले से जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा, सिविल सर्जन तथा स्वास्थ्य विभाग के संबंधित पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने जिलेवार टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी जिला पदाधिकारियों एवं सिविल सर्जनों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक स्तर पर संचालित किया जाए तथा संभावित मरीजों की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव ने सभी सिविल सर्जनों को निर्देश दिया कि टीबी स्क्रीनिंग अभियान में तेजी लाई जाए, अधिक से अधिक लोगों की जांच कराई जाए तथा संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान कर उनका समयबद्ध उपचार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों एवं संवेदनशील समूहों में स्क्रीनिंग गतिविधियों को और प्रभावी बनाने पर बल दिया।
बैठक में टीबी मरीजों के पोषण सहयोग (फूड बास्केट) पर भी विशेष चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग को समाज के विभिन्न वर्गों, स्वयंसेवी संस्थाओं, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग से टीबी मरीजों को फूड बास्केट उपलब्ध कराने के लिए गोद लेने (Adoption) की पहल को प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता के माध्यम से टीबी मरीजों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराकर उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में महत्वपूर्ण सहयोग दिया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि टीबी मरीजों के लिए आवश्यक पोषण सामग्री उपलब्ध कराने हेतु फूड बास्केट पर लगभग 600 प्रति माह तक व्यय किया जाता है, जिससे उपचार के दौरान मरीजों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा सके।
बैठक के उपरांत जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को मुख्य सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने, टीबी स्क्रीनिंग अभियान में और तेजी लाने तथा जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान को जनसहभागिता के साथ प्रभावी ढंग से संचालित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि समय पर जांच, समुचित उपचार एवं पोषण सहयोग के माध्यम से जिले को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में सभी संबंधित विभाग समन्वित रूप से कार्य करें।