नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। शहर के सम्राट अशोक भवन में स्मृतिशेष त्रिभुवन नाथ सिन्हा की प्रथम पुण्यतिथि पर उनकी जीवनी पर आधारित पुस्तक ‘चरैवेति: एक जीवन यात्रा’ का विमोचन समारोह आयोजित किया गया। उनके पुत्र प्रशांत कुमार द्वारा लिखित इस पुस्तक का विमोचन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मगध विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति डॉ. दिलीप केशरी, औरंगाबाद के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह, विधान परिषद सदस्य जीवन कुमार, सिन्हा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार मिश्रा, रेडक्रॉस चेयरमैन सतीश कुमार सिंह, नगर परिषद अध्यक्ष उदय कुमार गुप्ता सहित अन्य ने संयुक्त रूप से किया।

मुख्य अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि ‘चरैवेति: एक जीवन यात्रा’ केवल एक जीवनी नहीं, बल्कि संघर्ष, सेवा, नैतिक मूल्यों और सतत कर्म की प्रेरणादायक गाथा है। उन्होंने कहा कि त्रिभुवन नाथ सिन्हा का जीवन समाजसेवा, शिक्षा के प्रति समर्पण और मानवीय मूल्यों के संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण रहा है। उनके आदर्श और विचार आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करते रहेंगे।
वक्ताओं ने त्रिभुवन नाथ सिन्हा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि समाज और शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान अविस्मरणीय है तथा उनकी स्मृतियों को पुस्तक के माध्यम से संजोने का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है।
कार्यक्रम का संचालन शंकर कैमूरी ने किया। समारोह में उनके पुत्र आलोक रंजन, प्रशांत कुमार एवं राकेश रंजन वरीय अधिवक्ता उदय कुमार सिन्हा सहित बड़ी संख्या में सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य नागरिक, बुद्धिजीवी एवं परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।