नवबिहार टाइम्स संवाददाता
दाउदनगर (औरंगाबाद)। भारत सरकार के आह्वान पर एक से सात जुलाई तक आयोजित वन महोत्सव के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) दाउदनगर महाविद्यालय द्वारा सोमवार को सिपहां में वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर जन-जागरूकता अभियान एवं जागरूकता रैली का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मार्गदर्शन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) एम. एस. इस्लाम ने किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि वृक्ष मानव जीवन, पर्यावरण एवं जैव विविधता के आधार हैं। बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए प्रत्येक नागरिक को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा उनका संरक्षण करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रकृति की रक्षा ही मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। स्वयंसेवकों ने सिपहां में भ्रमण करते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं पौधारोपण का संदेश दिया।
इस दौरान स्वयंसेवकों ने -एक पेड़ माँ के नाम, आज एक पेड़, कल हजार मुस्कान, पेड़ हैं धरती का गहना, हरियाली से है जीवन सुहाना, तथा -आओ मिलकर कसम खाएं, अधिक से अधिक पेड़ लगाए- जैसे प्रेरक नारों के माध्यम से ग्रामीणों को पौधारोपण के लिए प्रेरित किया।
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. देव प्रकाश ने कहा कि वन महोत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। यदि प्रत्येक व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करे, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है। डॉ. श्रीनिवास सिंह ने कहा कि पौधारोपण जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने का सबसे प्रभावी उपाय है और युवाओं को इस अभियान में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।
डॉ. शहला बानो ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है तथा वृक्ष हमारे जीवन के सच्चे संरक्षक हैं। डॉ. रोजी कांत ने कहा कि स्वस्थ समाज और स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण के लिए वृक्षारोपण को जन-आंदोलन बनाना समय की आवश्यकता है। डॉ. मुहम्मद हुजैफा ने कहा कि आज लगाया गया प्रत्येक पौधा आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण प्रदान करेगा, इसलिए पौधारोपण के साथ-साथ उसका संरक्षण भी आवश्यक है।
शामिल स्वयंसेवकों में पूजा कुमारी, शिवानी कुमारी, साकरा, गुलनाज, निर्मल सहित अन्य ने सक्रिय सहयोग दिया।