नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
गुमला। इंडियन आर्म्ड फोर्स एवं झारखण्ड सरकार द्वारा झारखंड की राजधानी रांची में आगामी 25 जुलाई से आयोजित होने वाली 135 वीं संस्करण डूरंड कप फुटबॉल टूर्नामेंट की ट्रॉफी आज ट्रॉफी टूर प्रोग्राम के तहत गुमला जिला मुख्यालय पहुंची । ट्रॉफी आगमन को लेकर जिला प्रशासन एवं खेल विभाग तथा स्थानीय खेल प्रेमियों ने पारंपरिक एवं भव्यता के साथ सेना के जवानों का स्वागत किया । इसके साथ ही परमवीर अल्बर्टा का स्टेडियम में एक मैत्री फ़ुटबॉल मैच का भी आयोजन किया गया।
शिमला के अन्नाडेल मैदान में वर्ष 1888 में शुरू हुआ यह टूर्नामेंट आज एशिया का सबसे पुराना और दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल आयोजनों में से एक माना जाता है। ऐसे में डूरंड कप की ट्रॉफी का गुमला आने से खेल प्रेमी एवं राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मंच पर खेल चुके खिलाड़ी भी काफी उत्साहित हैं। इनका कहना है की ट्रॉफी को देखना एक सपना था, लेकिन आज डूरंड कप को नजदीक से छू कर देखना किसी सपने का सच होने जैसा है।
भारतीय फुटबॉल के इतिहास में कुछ नाम केवल टूर्नामेंट नहीं, बल्कि विरासत बन जाते हैं। डूरंड कप भी ऐसी ही एक विरासत है, जिसने केवल विजेताओं को नहीं, बल्कि भारतीय फुटबॉल की पहचान और उसकी संस्कृति को भी आकार दिया है। ऐसे में डूरंड कप का गुमला जिला आने से जिला प्रशासन भी इसके स्वागत और सम्मान में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती।
ट्रॉफी आगमन को लेकर जिला खेल पदाधिकारी ने प्रवीण कुमार ने कहा कि यह बहुत सौभाग्य की बात की गुमला जिला को ट्रॉफी टूर प्रोग्राम के लिए चुना गया और आज डूरंड कप ट्रॉफी गुमला पहुंचा । वही मौके पर गुमला जिला उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने कहा कि ट्रॉफी के आने से जहां गुमला का मान बढ़ा है वही खिलाड़ियों का भी मनोबल ऊँचा हुआ है।
राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाले गुमला जिला में डूरंड कप जैसे प्रतिष्ठित ट्रॉफी का आगमन एक और जहां जिला को गौरवान्वित किया है वहीं जिले के खिलाड़ियों में भी एक नई जान फूंक दी है।