नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मसौढ़ी। नाबालिग से दुष्कर्म और अपहरण के चर्चित भगवानगंज कांड में स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। पुलिस की प्रभावी अनुसंधान कार्रवाई, मजबूत साक्ष्यों और समय पर दाखिल चार्जशीट के आधार पर न्यायालय ने यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भगवानगंज थाना कांड संख्या 38/22 में नामजद आरोपी संतोष यादव उर्फ संतोष कुमार, पिता अशोक यादव, को स्पेशल कोर्ट रेप एंड पॉक्सो सह एडीजे-22, पटना ने दोषी ठहराया। न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट की धारा-6 के तहत आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास तथा एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर आरोपी को एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
इसके अतिरिक्त भारतीय दंड संहिता की धारा-363 (अपहरण) के तहत भी आरोपी को दोषी पाते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना नहीं देने की स्थिति में छह माह का साधारण कारावास अतिरिक्त भुगतना होगा।
मामला भगवानगंज थाना क्षेत्र के देवरिया गांव का है, जहां 2 अप्रैल 2022 को एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया गया था। घटना के बाद पीड़िता की मां ने भगवानगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित अनुसंधान करते हुए आवश्यक साक्ष्य जुटाए और आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए कठोर सजा सुनाई। इस फैसले को नाबालिगों के विरुद्ध अपराध करने वालों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध के मामलों में त्वरित अनुसंधान एवं प्रभावी अभियोजन उनकी प्राथमिकता है, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।