11 करोड़ की लागत से बना भव्य धार्मिक परिसर, दूर-दूर से पहुंच रहे श्रद्धालु
नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मसौढ़ी। सावन के पावन महीने में गौरीचक थाना क्षेत्र के चंडासी गांव में निर्मित 108 फीट ऊंची अर्धनारीश्वर प्रतिमा इन दिनों श्रद्धालुओं की आस्था और आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। पूरे सावन माह में यहां भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए भक्तों का तांता लगा रहा, जबकि सावन की अंतिम सोमवारी पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और सुख-समृद्धि की कामना की।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मसौढ़ी अनुमंडल प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। अनुमंडल पदाधिकारी के निर्देश पर मंदिर के चारों प्रवेश और निकास द्वारों के अलावा करीब 10 महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर पूजा-अर्चना की।
बताया जाता है कि करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस भव्य धार्मिक परिसर का निर्माण कई वर्षों की सतत मेहनत और हजारों श्रद्धालुओं के सहयोग से पूरा हुआ है। मंदिर निर्माण में बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक समेत कई राज्यों के अनुभवी कारीगरों और शिल्पकारों ने अपनी कला का योगदान दिया है। परिसर की भव्यता और मंदिर की आकर्षक स्थापत्य कला श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित कर रही है।
धार्मिक परिसर में भगवान शिव और माता पार्वती के संयुक्त स्वरूप अर्धनारीश्वर की 108 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा मुख्य आकर्षण है। इसके अलावा भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय की विशाल प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं। प्रतिमाओं की भव्यता और परिसर की कलात्मक संरचना देखते ही बनती है।
पटना-गया मार्ग पर जीरोमाइल के समीप स्थित यह धाम तेजी से बिहार के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। बीते 26 जून को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यहां स्थापित प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। इसके बाद से लगातार श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अर्धनारीश्वर की यह विशाल प्रतिमा अपनी भव्यता के कारण लोगों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बन गई है। इसे देखने और पूजा-अर्चना करने के लिए बिहार के विभिन्न जिलों के साथ-साथ दूर-दराज के इलाकों से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।