नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
सासाराम। सावधान! अगर आपके पास भी ज़मीन के दाखिल-खारिज (मोटेशन) को लेकर किसी अधिकारी का फोन आ रहा है, तो रुकिए। अंचल कार्यालय के असली साहब नहीं, बल्कि पलक झपकते ही खाता साफ करने वाले शातिर ठग आपको फोन कर रहे हैं। बिहार राज्य के रोहतास जिला के चेनारी में अंचलाधिकारी बनकर लोगों से जमीन मोटेशन के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जहाँ खुद को सीओ (CO) बताकर अपराधियों ने मोटेशन रद्द करने की धमकी देकर हज़ारों रुपये ऐंठ लिए। पुलिस अब इन फर्जी कॉल्स के तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है।
पीड़ित राजकुमार सिंह ने बताया कि मोबाइल नंबर 9117469489 से उनके पास फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को अंचलाधिकारी बताते हुए जमीन मोटेशन कराने की बात कही। आरोप है कि उसने फोन करने वाले ने खुद को अंचलाधिकारी बताते हुए जमीन मोटेशन कराने की बात कही। आरोप है कि उसने राजकुमार सिंह से कहा कि मोटेशन कराना है तो किसी को जानकारी न दें और उनके नंबर पर छह हजार रुपये भेजें। बातचीत के तरीके से राजकुमार को लगा कि फोन करने वाला वास्तव में अधिकारी है। इसके बाद उन्होंने बताए गए तरीके से छह हजार रुपये भेज दिए। बाद में उन्हें ठगी का एहसास हुआ। पीड़ितों ने इस संबंध में पुलिस से शिकायत दर्ज कराई है।
इसी तरह प्रदीप गोस्वामी को भी मोटेशन के नाम पर फोन किया गया। प्रदीप ने पहले काम कराने और उसके बाद रुपये देने की बात कही। आरोप है कि इस पर फोन करने वाला भड़क गया और तत्काल पैसे नहीं देने पर मोटेशन रद्द करने की धमकी दी। इसके बाद प्रदीप को साइबर ठगी की आशंका हुई।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि आपको भी जमीन के मोटेशन या दाखिल-खारिज के नाम पर फोन आए और कोई अधिकारी बनकर तुरंत पैसे मांगे, तो सतर्क हो जाएं। ठग अक्सर डर और भ्रम पैदा करने के लिए काम रद्द करने की धमकी देते हैं। असली सरकारी दफ्तरों में फोन पर इस तरह पैसों की मांग नहीं की जाती है। कोई भी भुगतान करने से पहले संबंधित सरकारी कार्यालय जाकर या आधिकारिक माध्यम से पूरी जानकारी की पुष्टि जरूर करें। यदि आपके साथ ऐसा फर्जी फोन आए, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। मामले में पुलिस जांच जारी है।
चेनारी थानाध्यक्ष दिनेश कुमार मालाकार ने कहा कि जमीन मोटेशन के नाम पर अंचलाधिकारी बनकर रुपये मांगना गंभीर मामला है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी सरकारी अधिकारी के नाम पर फोन कर पैसे मांगे जाने पर बिना सत्यापन राशि न भेजें। संदिग्ध कॉल की शिकायत थाने या साइबर थाना में करें। पीड़ित द्वारा बताए गए मोबाइल नंबर की जांच कराई जाएगी और ठगी की पुष्टि होने पर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अंचलाधिकारी पुरुषोत्तम कुमार ने स्पष्ट किया कि जमीन के मोटेशन या दाखिल-खारिज के नाम पर किसी व्यक्ति से व्यक्तिगत फोन कर रुपये की मांग नहीं की जाती है। यदि कोई व्यक्ति अंचलाधिकारी या राजस्व कर्मचारी बनकर पैसे मांगता है, तो यह धोखाधड़ी है। उन्होंने लोगों से ऐसे कॉल से सावधान रहने और किसी अनजान व्यक्ति के खाते में पैसे नहीं भेजने की अपील की।
साइबर अपराधियों ने अब सीधे सरकारी सिस्टम पर ही डाका डालना शुरू कर दिया है! जमीन मोटेशन कराने के नाम पर ठगों का एक ऐसा गिरोह सक्रिय हुआ है जो सीधे अंचलाधिकारी (CO) बनकर लोगों को कॉल कर रहा है। अपनी मीठी बातों से जाल में फंसाकर ये अपराधी सीधे पीड़ितों के बैंक खातों से पैसे साफ कर रहे हैं। इस नए स्कैम से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। ठगी का शिकार हुए लोगों ने अब न्याय के लिए पुलिस का दरवाजा खटखटाया है। देखना यह है कि खाकी इन शातिर ‘फर्जी अफसरों’ को कब तक सलाखों के पीछे भेज पाती है?