बेताब अहमद
सासाराम। त्योहारों पर अपने परिवार से दूर रहने वाले प्रशासनिक अधिकारियों को मिला बहन का स्नेह। आईपीएस विकास वैभव और रोहतास डीएम दीपक कुमार मिश्रा की कलाई पर सजी रक्षासूत्र की डोर। यह सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि समाज के संरक्षकों को दिया गया ‘थैंक यू’ कार्ड है। बहनों की इस पहल ने खाकी और प्रशासन के सख्त चेहरे के पीछे छुपी मानवीय संवेदना को झकझोरा।
भारतीय संस्कृति में रक्षाबंधन केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, अटूट विश्वास और सामाजिक समरसता का जीता-जागता प्रतीक है। इसी भावना को मजबूत करने के लिए ‘गार्गी अध्याय’ के तहत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जब मुहिम दिल से जुड़ी हो, तो दूरियां मायने नहीं रखतीं। ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ के गार्गी अध्याय द्वारा रोहतास में आयोजित रक्षाबंधन समारोह ने इस बात को सच साबित कर दिखाया।
जिला मुख्य समन्वयक नूतन पाण्डेय की प्रेरणा का ऐसा जादू चला कि इस उत्सव में शामिल होने के लिए लोग सैकड़ों किलोमीटर दूर से सासाराम पहुंचे। रेलवे में कार्यरत मुन्ना कुमार जहां विशेष रूप से ओडिशा से चलकर यहां आए, वहीं मनीषा ने पटना से आकर इस आयोजन की शोभा बढ़ाई। होटल अनता का पूरा परिसर उस समय भावुक और उल्लासपूर्ण हो गया जब देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लोगों ने एक साथ मिलकर प्रेम और विश्वास का संदेश दिया। आईजी विकास वैभव ने भी गया से वीडियो कॉल पर जुड़कर सबको बधाई दी। यह आयोजन यह साफ करता है कि ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ अब सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि लोगों को आपस में जोड़ने वाला एक बड़ा परिवार बन चुका है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग को एक सूत्र में पिरोना और चारों ओर एक सकारात्मक सामाजिक माहौल तैयार करना है। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस मौके पर मदन सिंह, राम अवतार राय, जी.एम. अंसारी, संतोष सिंह, संजय बिंद, वीरेंद्र कुशवाहा, दिनेश जी और असलम परवेज सहित मुन्ना कुमार, गुंजन कुमार, मंदीप, सानू, अयान, शशांक, पुनीत, रुद्रांश, परमिला सिंह, रिंकू देवी, जोखन बिंद, पूजा, चंचला, आरती, शांति, आयुष, सौरव और मनीषा मल्होत्रा जैसी कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।