बेताब अहमद
सासाराम। मध्य प्रदेश के ऊपरी जलग्रहण (कैचमेंट) क्षेत्रों में जारी मूसलाधार बारिश के चलते बाणसागर जलाशय का जलस्तर तेजी से ऊपर आ रहा है। बांध के भीतर पानी के भारी दबाव को नियंत्रित करने और जलस्तर को सुरक्षित दायरे में रखने के लिए प्रशासन ने 30 अगस्त 2026 को दिन में 12 बजे ही इसके 6 रेडियल गेट खोल दिए थे। हालांकि, पानी की लगातार तेज आवक कम होने का नाम नहीं ले रही है, जिसके मद्देनजर अब रात 8 बजे दो और अतिरिक्त गेटों को खोलने का सख्त फैसला लिया गया है। इस प्रकार कुल 8 गेटों से पानी छोड़े जाने के कारण सोन नदी के जलस्तर में भारी इजाफा होने की आशंका है, जिसे देखते हुए निचले इलाकों और तटीय गांवों में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
बाणसागर डैम से पानी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। डैम के कुल 8 गेट 2 मीटर की ऊंचाई तक खुले हैं। इसके जरिए सोन नदी में 3277 क्यूमेक्स पानी की निकासी हो रही है। जलस्तर बढ़ने पर प्रशासन स्पिल ओवर से पानी की मात्रा बढ़ा सकता है। रोहतास जिला प्रशासन ने सोन तटीय इलाके रोहतास, तिलौथू, डेहरी, नासरीगंज, नबीनगर , बारून, ओबरा और दाउदनगर एवं उसके आस-पास के इलाकों में जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
नदी का जलस्तर खतरनाक हो सकता है, इसलिए खुद भी दूर रहें और बच्चों को भी वहां जाने से रोकें। अपने मवेशियों को नदी के किनारे या टापुओं पर बिल्कुल न भेजें। एक लापरवाही भारी पड़ सकती है।नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे अगले कुछ दिनों तक मवेशियों को चराने, नहाने या मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों के लिए भी नदी के करीब न जाएं।
बाढ़ का खतरा से जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए सरकारी निर्देशों को बिल्कुल हल्के में न लें। अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए तुरंत सतर्क हो जाएं और सुरक्षित स्थानों पर रहें।