नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। बिहार के औरंगाबाद जिले स्थित मदनपुर थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (NH-19) पर रफ्तार का कहर एक बार फिर बनकर टूटा। सुग्गी गांव के समीप बुधवार की देर रात सड़क पार कर रहे दो युवकों को एक बेलगाम और अज्ञात वाहन ने बेरहमी से कुचल दिया। इस भीषण टक्कर ने पल भर में एक हंसता-खेलता परिवार उजाड़ दिया और चार मासूम बच्चों के सिर से हमेशा के लिए पिता का साया छीन लिया।
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुटुंबा थाना क्षेत्र के सरईवार गांव निवासी 31 वर्षीय दीपक कुमार की मौके पर ही स्थिति गंभीर हो गई, जबकि सुग्गी गांव निवासी ललन कुमार बुरी तरह जख्मी होकर जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। घटना को अंजाम देने के बाद चालक अंधेरे का फायदा उठाकर अपने वाहन के साथ मौके से फरार हो गया।
चीख-पुकार सुनकर दौड़े स्थानीय लोगों ने बिना देर किए दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मदनपुर पहुंचाया। वहां मौजूद डॉक्टर जितेन्द्र सिंह ने दीपक कुमार की नब्ज टटोलते ही उन्हें मृत घोषित कर दिया। मदनपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार और एसआई रोहित कुमार ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, औरंगाबाद भेज दिया। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
मृतक दीपक कुमार पिछले 15 सालों से अपने ससुराल सुग्गी गांव में ही रहकर गुजर-बसर कर रहा था। उसकी मौत से उसकी पत्नी अनीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उनके चार छोटे-छोटे बच्चे—दो बेटे और दो बेटियां अभी नासमझ और नाबालिग हैं, जिन्हें यह भी नहीं पता कि अब उनके सिर पर पिता का हाथ कभी नहीं फिर पाएगा। इस हृदयविदारक घटना से सुग्गी और पैतृक गांव सरईवार दोनों जगह मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और अन्य माध्यमों से उस अज्ञात वाहन और चालक की तलाश में जुटी है, जिसकी लापरवाही ने एक घर को खंडहर बना दिया।