नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
पटना। बिहार में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है. राज्य के 14 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। इन जिलों के 84 प्रखंडों की 517 ग्राम पंचायतों में बाढ़ का पानी फैल गया है। बाढ़ से अब तक करीब 41.45 लाख लोगों की आबादी प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से लोगों को राहत पहुंचाने और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम जारी है। बाढ़ से प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया और अरवल समेत कुल 14 जिले शामिल हैं। कई इलाकों में बाढ़ का पानी घरों और सड़कों तक पहुंच गया है। लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।
नदियों का जलस्तर घटा, खतरा अभी टला नहीं
हालांकि राहत की बात यह है कि नदियों के जलस्तर में अब धीरे-धीरे गिरावट आ रही है। लेकिन इसके बावजूद गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा समेत 9 नदियां अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। ऐसे में प्रशासन प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी कर रहा है। बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए SDRF की 27 और NDRF की 10 टीमें तैनात की गई हैं। टीमें अलग-अलग इलाकों में रेस्क्यू अभियान चला रही हैं। जरूरत पड़ने पर नावों और दूसरे संसाधनों की मदद से लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है।
723 सामुदायिक रसोई में मिल रहा खाना
प्रभावित लोगों के लिए राज्य के अलग-अलग जिलों में 723 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं। यहां बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा 15 राहत शिविरों में 13,446 विस्थापित लोगों के रहने, खाने, इलाज और दूसरी जरूरी सुविधाओं का इंतजाम किया गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप भी लगाए गए हैं। जिन इलाकों में सड़क के रास्ते पहुंचना मुश्किल है, वहां बोट एंबुलेंस के जरिए लोगों तक चिकित्सा सुविधा पहुंचाई जा रही है। प्रशासन का फोकस खास तौर पर बीमार लोगों, बुजुर्गों और जरूरतमंदों तक जल्द मदद पहुंचाने पर है।
सितंबर में सामान्य से 31 फीसदी ज्यादा बारिश
बिहार में इस बार सितंबर में अब तक सामान्य से 31 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। ज्यादा बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ा और कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी। हालांकि अब जलस्तर में गिरावट शुरू होने से कुछ राहत मिली है, लेकिन कई नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण प्रशासन अभी भी पूरी तरह अलर्ट है।