नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
सासाराम। गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित नारायण इंस्टीट्यूट आफ फार्मेसी के तत्वावधान में फर्म को विजिलेंस जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के फार्माकोलॉजी विभाग अध्यक्ष डॉक्टर मृगेंद्र कुमार,सहायक प्राध्यापक डॉ वैभव कुमार श्रीवास्तव एवं डॉ एस इमिल शंकर ,फार्मेसी कॉलेज के प्राचार्य सह डीन प्रो डॉ धर्मेंद्र कुमार,फार्मेसी कॉलेज के वरीय शिक्षक एवं विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर प्रो डॉ ललितेश्वर प्रसाद सिंह, विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित फार्मेसी छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए विशेषज्ञों ने दवा के दुष्प्रभाव एवं इसकी सूचना संबंधित विभाग केंद्र तक पहुंचाने के लिए विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि अपने आवास पर उपचार ले रहे मरीज को कोई भी दवा के दुष्प्रभाव का अनुभव सबसे पहले स्वयं को होता है, इसके बाद उसके परिजन को पता चलता है, तब जाकर फिर बात चिकित्सक तक पहुंचती है। इसी प्रकार जब मरीज अस्पताल में इलाजरत रहता है तो उसके असहज होने के बाद उसके उपचार में लगे नर्स को पता चल जाता है और इसके बाद तत्काल उन्हें इससे बचाव हेतु प्रयास किया जाता है।
वक्ताओं ने कहा कि किसी भी दवा के दुष्प्रभाव को लेकर जिस प्रकार की जागरूकता की आवश्यकता है वह अभी तक नहीं हो पा रही है। लोग चिकित्सक के द्वारा बताए गए उपचार को पूर्ण रूप से लागू नहीं करते तथा मनमानी ढंग से बीच में भी दवा छोड़ देते हैं। इसके कारण मरीज को दवा के सही फायदे का अनुभव नहीं हो पता है। वक्ताओं ने कहा कि निश्चित रूप से दवा का सही चयन, उसका सही डोज और समय से पालन एक आवश्यक कार्य है जिसमें कहीं भी व्यवधान होने पर विपरीत परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।
वक्ताओं ने बताया कि नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में दवा के दुष्प्रभाव से संबंधित सूचना देने का केंद्र खुला हुआ है जहां आम लोग एवं चिकित्सकों के द्वारा भी इसकी सूचना दी जा सकती है।कार्यक्रम में संकाय के सभी शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।