नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति का त्वरित सर्वेक्षण एवं सत्यापन कराते हुए पात्र किसानों को नियमानुसार कृषि इनपुट अनुदान का लाभ उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
सोन एवं अन्य नदियों के बढ़े जलस्तर के कारण औरंगाबाद जिले के विभिन्न क्षेत्रों में फसल प्रभावित होने की स्थिति उत्पन्न हुई है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार जिले में लगभग 3,939 हेक्टेयर फसल क्षेत्र प्रभावित होने का अनुमान है।
कृषि विभाग द्वारा प्रभावित फसल क्षेत्रों का सर्वेक्षण एवं सत्यापन कार्य कराया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में दाउदनगर, हसपुरा, गोह, रफीगंज एवं नबीनगर प्रखंड शामिल हैं। फसल क्षति से प्रभावित पात्र किसानों को कृषि इनपुट अनुदान का लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 23 सितंबर 2026 से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। किसान 23 सितंबर 2026 को प्रातः 6 बजे से 29 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
फसल क्षति के वास्तविक आकलन एवं पात्रता के सत्यापन के लिए जीपीएस आधारित फोटोग्राफी एवं स्थल सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसके माध्यम से प्रभावित फसल क्षेत्र एवं क्षति का वास्तविक आकलन सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि नियमानुसार पात्र किसानों को निर्धारित प्रावधानों के तहत कृषि इनपुट अनुदान का लाभ उपलब्ध कराया जा सके।
जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित एवं पात्र किसानों से अपील की गई है कि वे निर्धारित अवधि के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना सुनिश्चित करें। आवेदन करने में किसी प्रकार की कठिनाई होने अथवा आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के लिए किसान संबंधित कृषि पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
किसानों की सहायता एवं मार्गदर्शन के लिए निम्न पदाधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है—
जिला कृषि पदाधिकारी, औरंगाबाद
संदीप राज— 9031643753
प्रखंड कृषि पदाधिकारी, दाउदनगर
अनिल कुमार— 9431848454
प्रखंड कृषि पदाधिकारी, हसपुरा
रंजीत कुमार— 9031643766
प्रखंड कृषि पदाधिकारी, गोह
राहुल कृष्णमूर्ति— 7895526717
प्रखंड कृषि पदाधिकारी, रफीगंज
अमृता— 8521988606
नोडल कृषि समन्वयक, नबीनगर
आशुतोष कुमार— 9576376787
अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, औरंगाबाद
राकेश रंजन— 9031643754
अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, दाउदनगर
रजनीकांत भारती— 9031643755
जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा सभी प्रभावित एवं पात्र किसानों से अपील की गई है कि वे 29 सितंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से ऑनलाइन आवेदन कर दें, ताकि फसल क्षति के सत्यापन के उपरांत नियमानुसार कृषि इनपुट अनुदान का लाभ उपलब्ध कराने की कार्रवाई समयबद्ध रूप से की जा सके।