बेताब अहमद
गया/औरंगाबाद। पितृपक्ष मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए रेलवे ने एक बड़ी पहल की है। इससे देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों को घाटों और पिंडदान स्थलों तक पहुंचने में काफी सहूलियत होगी। पूर्व मध्य रेलवे ने पितृपक्ष के पवित्र दिनों में अपने पूर्वजों को तर्पण और पिंडदान देने वाले श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के वास्ते एक सराहनीय कदम उठाया है। जिला औरंगाबाद क्षेत्र के अनुग्रह नारायण स्नान घाट पर यातायात का दबाव और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए, रेलवे प्रशासन ने यहाँ पाँच विशेष ट्रेनों के अस्थायी ठहराव की सौगात दी है।
जानकारी के अनुसार, यह व्यवस्था 25 सितंबर से आरंभ होकर आगामी 10 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत रुकने वाली प्रमुख ट्रेनें गया-डेहरी ऑन सोन-गया मेमू पैसेंजर (तीन ट्रेनें जोड़ी: 63289/63290, 63291/63292, 63295/63296) धनबाद-सासाराम-धनबाद इंटरसिटी एक्सप्रेस (13305/13306) आसनसोल-वाराणसी-आसनसोल मेमू पैसेंजर (13553/13554) जैसी महत्वपूर्ण गाड़ियाँ अनुग्रह नारायण स्नान घाट पर इस अस्थायी हाल्ट पर दो मिनट के लिए विश्राम करेंगी। अन्य सुविधा को देखते हुए पुनपुन घाट हाल्ट पर भी 12 अन्य ट्रेनों का अस्थायी ठहराव दिया गया है। प्रशासन के इस संवेदनशील निर्णय से न सिर्फ यात्रियों को सीधे पिंडदान स्थल के नजदीक उतरने की सुविधा मिलेगी, बल्कि उनकी यात्रा भी अधिक सुगम और सुरक्षित हो जाएगी।

तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना ने खुद औरंगाबाद और गया जंक्शन का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्लेटफॉर्म, सर्कुलेटिंग एरिया, प्रतीक्षालय और होल्डिंग एरिया की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा। मेला अवधि के दौरान भीड़ को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं के आवागमन को बाधारहित बनाने के लिए उन्होंने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए हैं। प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर है कि आस्था के इस महापर्व में आने वाले किसी भी यात्री को कोई परेशानी न हो।