नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
मुज़फ्फरपुर। बुधवार की रात करीब 9 बजे, चकिया का बांसघाट इलाका गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। अपनी दुकान बंद कर जेवरों से भरा बैग लेकर घर लौट रहे सुजीत कुमार की बाइक को एक ही मोटरसाइकिल पर सवार तीन नकाबपोश बदमाशों ने अचानक घेर लिया। रास्ता रोकते ही बदमाशों ने लूटपाट की कोशिश की। लेकिन सुजीत और उनके पिता अवध किशोर साह ने हार नहीं मानी। जैसे ही उन्होंने अपराधियों का विरोध किया, बदमाशों ने ट्रिगर दबा दिया। सुजीत को एक के बाद एक दो गोलियां लगीं और वह लहूलुहान होकर गिर पड़े। शोर मचते ही बदमाश बिना बैग लूटे मौके से फरार हो गए। इस समय सुजीत मोतिहारी के रहमानिया मेडिकल सेंटर के आईसीयू में चिकित्सकों की कड़ी निगरानी में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
पिता के अनसार, चकिया के बांसघाट में बुधवार रात एक स्वर्ण व्यवसायी और उनके पिता ने सूझबूझ और बहादुरी दिखाकर अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। भुवन छपरा से जेवरों से भरा बैग लेकर लौट रहे सुजीत कुमार और उनके पिता अवध किशोर साह को तीन बदमाशों ने घेर लिया था। अपराधियों की बंदूक के आगे घुटने टेकने के बजाय दोनों ने डटकर विरोध किया। इस संघर्ष के दौरान बदमाशों ने सुजीत पर फायरिंग कर दी, जिससे वे घायल हो गए। हालांकि, इस जांबाजी का नतीजा यह रहा कि बदमाश करोड़ों या लाखों के जेवरात से भरा बैग छू तक नहीं सके और उन्हें खाली हाथ भागना पड़ा। हालांकि सुजीत अभी आईसीयू में भर्ती हैं, लेकिन उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पिता-पुत्र के इस साहस की चर्चा पूरे इलाके में है।
घटना की सूचना मिलने के बाद चकिया थानाध्यक्ष धर्म प्रकाश मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की जानकारी ली। पुलिस ने वारदात से जुड़े बिंदुओं की जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष के अनुसार, पीड़ित के पिता ने गुरुवार को मामला दर्ज कराने का अनुरोध किया है। पुलिस अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पुलिस आसपास के इलाके में बदमाशों के आने-जाने के रास्ते और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। लेकिन इस खूनी खेल ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के तुरंत बाद बांसघाट बाजार की दुकानें डर के मारे बंद हो गईं। आक्रोशित स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि रात के समय प्रमुख मार्गों पर पुलिस की सक्रियता और गश्ती तुरंत बढ़ाई जाए ताकि आगे किसी और की जान खतरे में न पड़े। पुलिस अब अपराधियों के भागने के रूट को खंगालने में जुटी है। पुलिस दोषियों को सलाखों के पीछे भेजने के लिए छापेमारी कर रही है।