नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
सासाराम। बिहार के रोहतास जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देती एक खौफनाक वारदात सामने आई है। रोहतास के कच्छवां थाना क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह खुशियों और उम्मीदों से भरे एक घर पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब 9वीं कक्षा के 15 वर्षीय छात्र आशीष कुमार को स्कूल बस का इंतजार करते वक्त बदमाशों ने सीने में गोली मार दी। परिवार के रोते-बिलखते परिजन बस ईश्वर से अपने बच्चे की सलामती की दुआ मांग रहे हैं, जबकि अस्पताल के बेड पर जिंदगी और मौत के बीच जूझता मासूम हर किसी की आंखें नम कर रहा है।
घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सुबह गोलीबारी की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। कछवा थाना क्षेत्र के कैथी गांव के जागु टोला स्थित बस स्टैंड के पास स्कूल जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे 15 वर्षीय छात्र को बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने गोली मार दी। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों मौके से फरार हो गये। गोली लगने से घायल छात्र को बेहतर इलाज के लिए आरा शहर के महावीर टोला स्थित मेडिकॉन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। वहां जनरल सर्जन डॉ. सौरभ प्रिंस की देखरेख में उसका उपचार चल रहा है।
घटना के बाद परिजन परेशान हैं और छात्र के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। अचानक हुई गोलीबारी के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गयी। गोली लगने से घायल छात्र को तत्काल इलाज के लिए आरा ले जाया गया। फिलहाल अस्पताल में उसका उपचार जारी है। घटना के बाद से परिवार के लोग चिंतित हैं। 15 वर्षीय छात्र को निशाना बनाने के पीछे क्या कारण था, इसका अब तक खुलासा नहीं हो सका है। वारदात को अंजाम देने वाले दोनों बदमाशों की पहचान भी सामने नहीं आयी है। छात्र को किसी पुरानी रंजिश में गोली मारी गयी या घटना के पीछे कोई दूसरी वजह है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। मामले में पुलिस की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद घटना से जुड़ी अन्य परिस्थितियों का पता चल सकेगा।
“क्या हमारे बच्चे अब सड़कों पर सुरक्षित हैं? रोहतास में स्कूल बस का इंतजार कर रहे एक 15 साल के छात्र को सरेआम गोली मारे जाने की घटना ने एक बार फिर शिक्षा के मंदिरों के आसपास बढ़ते अपराध और छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल जाने वाले बच्चे के बस्ते के बजाय यदि उसके सीने में गोली लगे, तो यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि हमारे सामाजिक ताने-बाने की विफलता है।”