नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। औरंगाबाद के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बसडीहा टोले घनश्याम बिगहा में शनिवार सुबह बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई। खुले में गिरे लाइव मोटर के तार की चपेट में आने से 42 वर्षीय गीता देवी की दर्दनाक मौत हो गई। सुबह होने के साथ ही गीता देवी अपने घर से निकली थीं, पर किसे पता था कि रास्ते की खामोशी उनकी जिंदगी का आखिरी पल बन जाएगी। सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। गीता देवी की मौत के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार और बिलखती हुई सास व देवर का दर्द देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। एक झटके में उजड़े इस परिवार के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
देवर प्रमोद दास ने बताया कि शनिवार की सुबह गीता देवी शौच के लिए बधार की ओर जा रही थीं। इसी दौरान रास्ते में पहले से टूटकर गिरा मोटर का बिजली तार उनकी चपेट में आ गया। सुबह के समय वह तार को देख नहीं सकीं और करंट लगने से गिर पड़ीं। कुछ देर बाद रास्ते से गुजर रहे लोगों की नजर उन पर पड़ी। लोगों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। नगर थाना की पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर घर लौट गए। गीता देवी की अचानक हुई मौत से परिवार में मातम पसरा है। इस हादसे ने एक बार फिर खुले में टूटकर गिरे बिजली के तारों से होने वाले खतरे को सामने ला दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय रहते सूचना देने या तार दुरुस्त करने के बजाय बिजली विभाग की अनदेखी से यह जान गई है। प्रशासन और विद्युत निगम को ऐसे हादसों को रोकने के लिए तुरंत कड़े कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह का गम न झेलना पड़े।
औरंगाबाद में टूटे हुए बिजली के तार से हुई गीता देवी की मौत ने फिर से खुले तारों से जुड़े गंभीर खतरों की पोल खोल दी है। सुबह के अंधेरे या धुंध में टूटे तारों को देख पाना असंभव होता है। यह घटना सिर्फ एक परिवार का नुकसान नहीं है, बल्कि विद्युत विभाग और समाज के लिए एक बड़ी चेतावनी है। अगर समय रहते क्षतिग्रस्त तारों की मरम्मत और पेट्रोलिंग न की गई, तो ऐसे हादसे कभी भी किसी की भी जान ले सकते हैं।