बेताब अहमद
रोहतास/गोपालगंज। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग (विजिलेंस) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। लोकसेवकों द्वारा काली कमाई जमा करने के मामलों में निगरानी विभाग लगातार एक्शन मोड में है। करगहर का ठोड़सन पूर्वी गांव शुक्रवार को अचानक चर्चा में आ गया। वजह थी गांव के लाल और गोपालगंज के एडीएम राजेश्वरी पांडेय के घर निगरानी विभाग की टीम का पहुंचना।
ताजा मामला गोपालगंज के एडीएम राजेश्वरी पांडेय से जुड़ा है। गोपालगंज के एडीएम राजेश्वरी पांडेय के रोहतास स्थित पैतृक आवास पर शुक्रवार को निगरानी की टीम ने अचानक धावा बोल दिया। आय से अधिक संपत्ति के गंभीर आरोपों के बाद हुई इस कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर जब डीएसपी केके गुप्ता और सुरेश राम की टीम गाड़ियों से उतरी, तो ग्रामीणों में कौतूहल और सन्नाटा पसर गया। लगभग दो घंटे तक अधिकारी घर के भीतर फाइलों को खंगालते रहे। भले ही टीम ने अभी बरामद सामानों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन इस कार्रवाई ने इलाके में एक नई बहस छेड़ दी है।
डीएसपी केके गुप्ता और सुरेश राम की अगुवाई में चली दो घंटे की इस गुप्त कार्रवाई में कई अहम दस्तावेज खंगाले गए हैं। हालांकि, टीम अभी कुछ भी बताने से बच रही है, लेकिन माना जा रहा है कि इस छापेमारी में बड़े खुलासे हो सकते हैं। अधिकारी फिलहाल बरामदगी की सूची को गोपनीय रख रहे हैं, जिससे यह साफ है कि विभाग कोर्ट में पुख्ता चार्जशीट दाखिल करने के लिए फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है।