आरबीएसके के तहत 14 नवंबर तक चलेगा विशेष अभियान, अब तक तीन बच्चों का सफल ऑपरेशन
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
हाजीपुर। जन्मजात विकृतियों से जूझ रहे बच्चों को बेहतर भविष्य देने के उद्देश्य से वैशाली जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 12 बच्चों को चार एम्बुलेंस से इलाज के लिए पटना स्थित मेडीवर्सल मैत्री अस्पताल भेजा गया। वहां बच्चों की स्वास्थ्य जांच के बाद सर्जरी के लिए उपयुक्त पाए जाने वाले बच्चों का नि:शुल्क ऑपरेशन कराया जाएगा।
जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह के नेतृत्व में जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान के दौरान आरबीएसके की जिला समन्वयक डॉ. शाइस्ता, डॉ. नीतू कुमारी और फार्मासिस्ट नवीन कुमार मौजूद रहे। उन्होंने बच्चों और उनके परिजनों का हौसला बढ़ाया।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अभियान का उद्देश्य बच्चों में जन्मजात विकृतियों की समय पर पहचान कर उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके तहत कटे होंठ (क्लेफ्ट लिप), कटे तालू (क्लेफ्ट पैलेट) और जीभ की जन्मजात समस्या (टंग टाई) से पीड़ित बच्चों का इलाज कराया जा रहा है। इन समस्याओं के कारण बच्चों को खाने-पीने और बोलने में परेशानी हो सकती है। समय पर इलाज से उनकी मुश्किलें दूर करने में मदद मिलेगी।
आरबीएसके की जिला समन्वयक डॉ. शाइस्ता ने बताया कि 2 अक्टूबर से शुरू हुए विशेष अभियान के तहत अब तक तीन बच्चों का सफल ऑपरेशन कराया जा चुका है। इनमें दो बच्चों की सर्जरी स्माइल ट्रेन के सहयोग से मेडीवर्सल मैत्री अस्पताल, पटना में हुई। इनमें एक बच्चा कटे होंठ और दूसरा कटे तालू की समस्या से पीड़ित था। दोनों बच्चों को स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। वहीं, टंग टाई से पीड़ित एक अन्य बच्चे का ऑपरेशन एनएमसीएच, पटना में सफलतापूर्वक कराया गया।
उन्होंने बताया कि कुछ बच्चे कम वजन के पाए गए थे। उन्हें पोषण संबंधी पूरक आहार उपलब्ध कराया गया है, ताकि स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद जरूरत के अनुसार उनकी सर्जरी की जा सके।
सिविल सर्जन-सह-सदस्य सचिव, जिला स्वास्थ्य समिति, वैशाली ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने आसपास जन्मजात विकृतियों से पीड़ित बच्चों की पहचान कर उनके परिजनों को इलाज के लिए प्रेरित करें।
वहीं, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. कुमार मनोज ने आशा कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे बच्चों को चिह्नित कर आरबीएसके मोबाइल हेल्थ टीम के माध्यम से जिला समन्वयक के पास पंजीकरण कराने का निर्देश दिया है। इससे बच्चों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यह विशेष अभियान 2 अक्टूबर से शुरू होकर 14 नवंबर 2026 तक चलेगा। विभाग ने अभिभावकों, आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्यकर्मियों से अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील की है, ताकि जन्मजात विकृतियों से पीड़ित किसी भी बच्चे को जरूरी इलाज से वंचित न रहना पड़े।