नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
पटना। जनता दल यूनाइटेड को उम्मीद है कि केंद्र सरकार फरक्का जल संघि के मामले में बिहार के हितों का पूरा ख्याल रखेगी। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद संजय कुमार झा ने शनिवार को कहा कि इस विषय पर नीतीश संवाद यात्रा के तहत गंगा के किनारे के 12 जिलों में जागरूकता अभियान चलाने के बाद हम केंद्र सरकार के रूख की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा-यह जदयू का राजनीतिक एजेंडा नहीं, राज्य के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है। राज्य विभाजन के समय खान खदान झारखंड चला गया। बिहार के पास पानी भी नहीं बचेगा तो लोग क्या करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य को कृषि, पेयजल और उद्योगों के लिए पानी की जरूरत है। उद्योग छोटा हो या बड़ा, उसे पानी चाहिए। लेकिन, गंगा जल बंटवारे को लेकर बांग्लादेश से साथ 30 साल पहले हुई संधि जारी रहती है तो औद्योगिकीकरण की संभावनाएं भी समाप्त हो जाएंगी।
संजय झा ने कहा-हम विदेश मंत्री एस जयशंकर के पत्र पर भरोसा करते हैं। इसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार इस संधि के नवीनीकरण के समय बिहार के पेयजल, सिंचाई और औद्योगिक विस्तार के लिए पानी की जरूरतों का ध्यान रखेगी। उन्होंने कहा-हम चाहते हैं कि संधि का नवीनीकरण न हो, अगर हो तो बिहार के हितों की अनदेखी न की जाए। इस संधि के कारण राज्य का पहले ही काफी नुकसान हो चुका है।
जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि नदियों की गाद निकालने की योजना से भी राज्य का बहुत भला होगा। गंगा से गाद निकल जाए और हमेशा प्रवाह बना रहे तो राज्य को विकसित बनाने का लक्ष्य जल्द हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर पांच सितंबर को शुरू की गई नीतीश संवाद यात्रा का महीने भर बाद समापन हो गया है। इस दौरान गंगा नदी के किनारे के 12 जिलों में पार्टी की ओर से जागरूकता अभियान चलाया गया। इन जिलों के आम नारगिक इस अभियान की जरूरत से सहमत हुए। भविष्य में भी अभियान का समर्थन करने का वचन दिया। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा-हमारी पार्टी इस अभियान को परिणति तक पहुंचाएगी।