नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। आज जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देशानुसार श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के अंतर्गत श्रम अधीक्षक, औरंगाबाद द्वारा गठित धावा दल ने औरंगाबाद एवं दाउदनगर अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया।
निरीक्षण के क्रम में दाउदनगर अनुमंडल अंतर्गत कान्हा स्वीट्स एंड डोसा प्लाजा, भखरुआ मोड़, दाउदनगर से 3 बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया गया। विमुक्त कराए गए सभी बाल श्रमिकों को तत्काल सहायता के रूप में 3,000 की राशि प्रदान की गई। साथ ही, सभी बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
दोषी नियोजक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत दोषी नियोजक को 06 माह से 02 वर्ष तक के कारावास तथा 20,000 से 50,000 तक के जुर्माने से दंडित किया जा सकता है। साथ ही, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय के आलोक में दोषी नियोजक से 20,000 की राशि जिला बाल कल्याण एवं पुनर्वास कोष में जमा कराई जाएगी।
धावा दल में संतोष कुमार सिंह, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, दाउदनगर, रंजन कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, गोह, धीरज कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, हसपुरा एवं संतोष कुमार सिंह, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, रफीगंज के साथ दाउदनगर थाना से पुलिस बल के सदस्य शामिल थे।
जिला प्रशासन द्वारा बाल श्रम के विरुद्ध अभियान को निरंतर प्रभावी रूप से संचालित करते हुए बाल श्रम में संलिप्त नियोजकों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।