नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मसौढ़ी। पुनपुन, कररुआ समेत क्षेत्र की कई नदियों में लगातार बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने की सूचना के बाद मसौढ़ी अनुमंडल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए एसडीएम धनराज कुमार ने शनिवार को दल-बल के साथ धनरूआ प्रखंड के बाढ़ संभावित एवं संवेदनशील इलाकों का दौरा कर तटबंधों की स्थिति का जायजा लिया।
एसडीएम ने धमौल, छोटकी धमौल, रेडीबीघा छाती, विजयपुरा, नसरतपुर, पुनपुन तटबंध समेत कई निचले इलाकों में बने बांधों और तटबंधों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कटावरोधी कार्य, बालू से भरे बैग की उपलब्धता तथा पिचिंग कार्य की स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कटाव वाले स्थानों को चिह्नित कर तत्काल मरम्मत एवं बचाव कार्य पूरा कराया जाए।
एसडीएम धनराज कुमार ने बताया कि संभावित बाढ़ को देखते हुए करीब एक माह पहले से ही प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी थी। सभी संवेदनशील तटबंधों पर बालू से भरे हजारों बैग, बांस-बल्ला और पिचिंग सामग्री का पर्याप्त भंडारण कराया गया है। तटबंधों की मरम्मत एवं मजबूतीकरण का कार्य भी लगभग पूरा कर लिया गया है।
उन्होंने अंचलाधिकारी और राजस्व कर्मचारियों को सभी तटबंधों की प्रतिदिन निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कहीं भी रिसाव, कटाव या पानी के दबाव की स्थिति दिखाई दे तो बिना किसी देरी के बालू भरे बैग और पिचिंग सामग्री के माध्यम से बचाव कार्य शुरू किया जाए।
एसडीएम ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए पहले से तैयार रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की सभी नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर है। बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर लोगों की मदद के लिए नाव, राहत सामग्री और अन्य आवश्यक संसाधन तैयार रखे गए हैं, ताकि जरूरत पड़ते ही राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान अनुमंडल कार्यपालक पदाधिकारी धर्मवीर कुमार, अनुमंडल शासी पदाधिकारी प्रभु सिंह, बाढ़ नियंत्रण विभाग के एसडीओ धर्मेंद्र कुमार, असिस्टेंट इंजीनियर, अंचलाधिकारी किशोरी चौधरी, राजस्व अधिकारी अनिरुद्ध यादव, थानाध्यक्ष अमित कुमार समेत प्रखंड एवं अनुमंडल स्तर के कई अधिकारी मौजूद रहे।