सिविल सर्जन के निरीक्षण में खुली पोल, कई शराब की बोतलें भी बरामद
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
सासाराम। बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बीच रोहतास जिले के शिवसागर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को शराब के नशे में गिरफ्तार किए जाने का मामला सामने आया है। उत्पाद विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में चिकित्सक को उनके सरकारी आवास से हिरासत में लिया गया। मौके से शराब की कई बोतलें भी बरामद की गई हैं।
गिरफ्तार चिकित्सक की पहचान डॉ. अभिषेक कुंदन के रूप में हुई है, जो शिवसागर पीएचसी में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के पद पर कार्यरत थे।
जानकारी के अनुसार, पिछले कई दिनों से यह शिकायत मिल रही थी कि डॉ. अभिषेक कुंदन अस्वस्थता का हवाला देकर अस्पताल में नियमित रूप से मरीजों का इलाज नहीं कर रहे थे। शिकायतों की सत्यता जानने के लिए रोहतास के सिविल सर्जन डॉ. मणिराज रंजन शुक्रवार को पीएचसी परिसर स्थित उनके सरकारी आवास पहुंचे।
सिविल सर्जन के अनुसार, आवास पर पहुंचने के बाद उन्होंने पाया कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी नशे की हालत में थे। कमरे में शराब की बोतलें भी मौजूद थीं। जब उन्होंने इस संबंध में पूछताछ की तो चिकित्सक कथित रूप से उनके साथ अभद्र व्यवहार करने लगे।
स्थिति को गंभीर देखते हुए सिविल सर्जन ने तत्काल उत्पाद विभाग और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही उत्पाद विभाग की टीम और शिवसागर थाना पुलिस मौके पर पहुंची तथा चिकित्सक को हिरासत में ले लिया। जांच के दौरान उनके पास से शराब की कई बोतलें बरामद की गईं।
सिविल सर्जन डॉ. मणिराज रंजन ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि एक चिकित्सक से इस प्रकार के आचरण की अपेक्षा नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी वरीय अधिकारियों को भी दी जा रही है और विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
गौरतलब है कि बिहार में शराबबंदी कानून लागू है और शराब के सेवन तथा भंडारण पर प्रतिबंध है। ऐसे में एक सरकारी चिकित्सक की गिरफ्तारी ने स्वास्थ्य विभाग में हलचल मचा दी है। फिलहाल उत्पाद विभाग मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रहा है।