नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
गया। इन्टैक द्वारा देशभर के चैप्टर के लिए आयोजित “इंडिया पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता” का आयोजन गया के डीएवी पब्लिक स्कूल कैंट एरिया परिसर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रतियोगिता में शहर के एक दर्जन से अधिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के कन्वीनर प्रो. मनीष सिन्हा ने प्रतियोगिता के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इन्टैक द्वारा हर वर्ष इस तरह की चित्रकारी प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। इस वर्ष प्रतियोगिता का विषय “ट्री ऑफ लाइफ” रखा गया, जिसके माध्यम से बच्चों ने प्रकृति, जीवन और पर्यावरण के प्रति अपनी समझ को चित्रों में उकेरा। उन्होंने बताया कि विजेता प्रतिभागियों की कृतियों को इन्टैक के वार्षिक कैलेंडर में प्रकाशित किया जाता है और उन्हें विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाता है।

विद्यालय की प्राचार्य अंजलि ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में चित्रकला का महत्वपूर्ण योगदान होता है। इस प्रकार के आयोजन बच्चों की रचनात्मक ऊर्जा को प्रोत्साहित करते हैं और उनकी कल्पनाशीलता को विकसित करते हैं।
कार्यक्रम में गया की समृद्ध चित्रकला परंपरा पर प्रकाश डालते हुए कन्वीनर डॉ. राकेश कुमार सिन्हा ‘रवि’ ने कहा कि गया क्षेत्र में चित्रकला का इतिहास अत्यंत प्राचीन रहा है। यहां पाषाणकालीन चित्रों के अवशेष बलथरवा, मण्डिका और परसिया जैसे क्षेत्रों में आज भी देखे जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 1836 में ब्रिटिश चित्रकार थॉमस डेनियल ने गया आकर अक्षयवट का चित्र बनाया था, जो आज भी इंडियन म्यूजियम में सुरक्षित है।
प्रतियोगिता दो चरणों में आयोजित की गई, जिसमें पहले चरण में चित्रकारी और दूसरे चरण में उससे संबंधित लिखित अभिव्यक्ति की परीक्षा ली गई। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक, कलाकार एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मगध विश्वविद्यालय की आचार्या डॉ. अलका मिश्र, डॉ. चंद्र प्रकाश, किलकारी गया के प्रधान डॉ. राजीव रंजन श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन करते हुए डॉ. रवि ने सभी प्रतिभागियों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि गया की सांस्कृतिक विरासत में चित्रकला का विशेष स्थान रहा है। नई पीढ़ी का इससे जुड़ाव क्षेत्र के कलात्मक विकास को नई दिशा देगा।