पहली बार चार मोबाइल ट्रांसफार्मर और वॉकी-टॉकी संचार व्यवस्था, गया में 20 छोटे नियंत्रण कक्ष भी रहेंगे सक्रिय
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
पटना। विश्वप्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 2026 के दौरान गया जी और पुनपुन पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने व्यापक तैयारियां की हैं। 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलने वाले पितृपक्ष मेला को लेकर बिजली कंपनी ने आपात परिस्थितियों में त्वरित विद्युत बहाली के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
एसबीपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक सौरभ जोरवाल ने कहा कि पितृपक्ष मेला आस्था, श्रद्धा, परंपरा और सेवा का महापर्व है। इस दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु गया जी और पुनपुन पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था को मजबूत किया गया है। आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए अभियंताओं और तकनीकी कर्मियों की विशेष तैनाती की गई है।
पितृपक्ष मेला के दौरान प्रमुख पिंडदान एवं तर्पण स्थलों, आवागमन मार्गों तथा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाएगी। विद्युत संबंधी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विष्णुपद मंदिर के समीप अस्थायी नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इसके अलावा मेला क्षेत्र में 20 छोटे नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय रहेंगे।
इस बार पहली बार मेला क्षेत्र में वॉकी-टॉकी संचार व्यवस्था की गई है। इसके माध्यम से पदाधिकारी और तकनीकी कर्मी आपस में तत्काल संपर्क स्थापित कर बिजली संबंधी समस्याओं पर तेजी से कार्रवाई कर सकेंगे।
आपात स्थिति में तत्काल विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए चार मोबाइल वैन पर ट्रांसफार्मर चार्ज अवस्था में तैयार रखे जाएंगे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए विद्युत सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। विद्युत पोलों पर डाइइलेक्ट्रिक पेंट कराया गया है, ताकि विद्युत स्पर्शाघात की संभावना को कम किया जा सके।
निर्बाध आपूर्ति के लिए मानपुर और चंदौती के दो 33 केवी स्रोतों से डंडीबाग विद्युत उपकेंद्र के दो पावर ट्रांसफार्मरों तथा टाउन-2 ओल्ड और टाउन-2 न्यू 11 केवी फीडरों को अलग-अलग जोड़कर वैकल्पिक विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था तैयार रखी गई है।
पुनपुन के पितृपक्ष मेला क्षेत्र में भी बिजली आपूर्ति को लेकर विशेष व्यवस्था की गई है। कूड़ा नवादा पावर सब-स्टेशन को 33 केवी परसा बाजार और 33 केवी कूड़ा नवादा, दोनों स्रोतों से जोड़ा गया है।
वैकल्पिक व्यवस्था के तहत 11 केवी पुनपुन टाउन फीडर को परसा बाजार स्थित विद्युत शक्ति उपकेंद्र में स्थापित डेडिकेटेड 5 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर से जोड़कर बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। मेला क्षेत्र में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाकर लोड बैलेंसिंग की व्यवस्था भी की गई है।
विद्युत सुरक्षा के मद्देनजर नंगे तारों को कवर्ड कंडक्टर, एबी केबल और अंडरग्राउंड केबल से बदला गया है। विद्युत पोल एवं ट्रांसफार्मरों की आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। मेला क्षेत्र में एक अस्थायी नियंत्रण कक्ष बनाया गया है, जहां से बिजली व्यवस्था की लगातार निगरानी होगी।
प्रबंध निदेशक सौरभ जोरवाल ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि पितृपक्ष मेला के दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को 24 घंटे निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित विद्युत आपूर्ति मिले। इसके लिए बिजली कंपनी के अभियंता, अधिकारी और कर्मी पूरी तत्परता एवं जिम्मेदारी से कार्य करेंगे।
उन्होंने मेला अवधि में सभी अभियंताओं, अधिकारियों और कर्मियों को संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ दायित्व निभाने का निर्देश दिया। साथ ही श्रद्धालुओं और आम नागरिकों से विद्युत सुरक्षा संबंधी सावधानियों का पालन करने तथा किसी भी बिजली संबंधी समस्या की स्थिति में तत्काल संबंधित विभाग को सूचना देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि पितृपक्ष मेला के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा में विद्युत व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है। एसबीपीडीसीएल ने सेवा, सुरक्षा और सतत विद्युत आपूर्ति के संकल्प के साथ मेला क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था को विश्वसनीय एवं सुचारु बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं।