सड़ते पानी और दुर्गंध से डेंगू व संक्रामक बीमारियों का खतरा, ग्रामीणों ने की दवा छिड़काव व फॉगिंग की मांग
नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मसौढ़ी। पुनपुन प्रखंड में बाढ़ का पानी उतरने के बाद भले ही जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है, लेकिन ग्रामीणों की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों में जगह-जगह जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। कई इलाकों में घुटने भर पानी जमा है, जो अब सड़ने लगा है और उससे दुर्गंध उठ रही है। ग्रामीणों को इसी गंदे पानी से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। इससे डेंगू समेत अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका को लेकर लोगों में भय बना हुआ है।
पुनपुन नदी का जलस्तर काफी नीचे जाने के बाद प्रखंड की पांच प्रभावित पंचायतों के गांवों से बाढ़ का पानी निकल चुका है। हालांकि, पानी निकलने के बाद जगह-जगह बने जलजमाव ने नई समस्या खड़ी कर दी है। सबसे अधिक परेशानी बरांव पंचायत के बड़की सपहा, छोटकी सपहा और उड़ान टोला गांव में बताई जा रही है। लंबे समय से जमा पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और ग्रामीणों को बीमारी फैलने की चिंता सता रही है।
भूतपूर्व मुखिया द्वारिका पासवान ने अनुमंडल प्रशासन से बाढ़ प्रभावित गांवों में तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बाढ़ के बाद गांवों में जमा गंदा पानी महामारी का कारण बन सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, मच्छररोधी दवा का छिड़काव और फॉगिंग सहित आवश्यक स्वास्थ्य सुरक्षा उपाय तत्काल शुरू करने चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी तो निकल गया, लेकिन जलजमाव के कारण उनकी परेशानी बरकरार है। बड़की सपहुआं गांव के विनय पासवान, चंदन पासवान, बबलू मिस्त्री और राजू मांझी, सोनाचक टोला के राजकुमार पासवान व नीरज कुमार तथा मुस्तफापुर के रामस्वरूप पासवान, सुभाष पासवान, सुबोध ठाकुर, गया पासवान समेत अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जलजमाव दूर कराने और प्रभावित क्षेत्रों में दवा का छिड़काव कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द जल निकासी और मच्छररोधी अभियान नहीं चलाया गया तो बाढ़ के बाद बीमारियों का प्रकोप बढ़ सकता है। लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से प्रभावित गांवों में विशेष निगरानी रखने की भी मांग की है।