नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। अनुमंडल अग्निशामालय, औरंगाबाद की टीम द्वारा शहर के विभिन्न अस्पतालों, नर्सिंग होमों एवं होटलों में अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान अग्नि सुरक्षा अनुपालन, विद्युत भार विश्लेषण तथा अग्नि सुरक्षा प्रबंधन ऑडिट किया गया।
जांच के दौरान संस्थानों के संचालकों और प्रबंधकों को 15 दिनों के भीतर अग्नि सुरक्षा संबंधी कमियों को दूर करने, आवश्यक अनुमतियों के प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने तथा एलपीजी सिलेंडरों के संबंध में अनिवार्य स्व-घोषणा पत्र जमा करने का निर्देश दिया गया। साथ ही संस्थानों में स्थापित अग्निशमन यंत्रों एवं न्यूनतम फिक्स्ड फायर सिस्टम के उपयोग की जानकारी भी दी गई।
अनुमंडल अग्निशामालय पदाधिकारी रामाकांत सिंह ने बताया कि जांच के क्रम में यह पाया गया कि अधिकांश संस्थानों में अग्निशमन यंत्र तो लगाए गए हैं, लेकिन वहां कार्यरत कर्मियों को उनके उपयोग की सही जानकारी नहीं है। ऐसी स्थिति में आग लगने जैसी आपात घटनाओं के दौरान त्वरित कार्रवाई प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि अग्निशमन विभाग द्वारा समय-समय पर अग्निशमन यंत्रों के उपयोग एवं आपदा प्रबंधन को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
अग्निशमन विभाग ने सभी संस्थानों के प्रबंधकों एवं मालिकों से अपील की है कि वे कम से कम प्रत्येक छह माह में एक बार अग्निशमन टीम के साथ मॉक ड्रिल आयोजित कर कर्मचारियों को अग्निशमन यंत्रों के उपयोग का प्रशिक्षण दिलाएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जान-माल की क्षति को कम किया जा सके।
जांच अभियान में अनुमंडल अग्निशामालय पदाधिकारी रामाकांत सिंह के साथ अग्निक चालक मंजीत कुमार पांडेय एवं अग्निक कुणाल कुमार भी शामिल थे।