नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला के सलैया थाना पुलिस अज्ञात शव को एंबुलेंस और जेसीबी के साथ बेरी खेल मैदान के किनारे मदार नदी के तट पर दफनाने पहुंची थी, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों के भारी विरोध के बाद पुलिस को बिना शव दफनाए ही वापस लौटना पड़ा। जैसे ही ग्रामीणों को इसकी सूचना मिली ग्राम पंचायत बेरी और खिरियावां के सैकड़ों लोग घटनास्थल पर जुट गए और इसका पुरजोर विरोध शुरू कर दिया।
ग्रामीणों का कहना था कि दूसरी जगह का शव यहां क्यों दफनाया जा रहा है। इससे पहले कभी भी पुलिस द्वारा यहां शव नहीं दफनाया गया है। ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि थाना क्षेत्र में अज्ञात शव मिलने की सूचना किसी भी अखबार में प्रकाशित नहीं की गई है, तो अज्ञात शव आखिर आया कहां से यह बड़ा सवाल है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बेरी खेल मैदान के किनारे दोनों पंचायतों के लोग सुबह-शाम टहलने, व्यायाम और क्रिकेट खेलने आते हैं। यहां शव दफनाने से दुर्गंध और संक्रमण फैलने का खतरा रहेगा। सलैया थानाध्यक्ष कन्हैया शर्मा ने बताया कि तीन दिन पूर्व मछानी नदी से एक अज्ञात शव बरामद हुआ था, जिसे पोस्टमार्टम कराकर 48 घंटे तक पहचान के लिए रखा गया था। पहचान नहीं होने पर नियमानुसार शव को बेरी खेल मैदान किनारे स्थित श्मशान घाट के पास दफनाया जा रहा था। ग्रामीणों के विरोध के बाद शव को अब कहीं और दफनाया जाएगा