नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। बिहार के औरंगाबाद जिले के कुटुंबा थाना क्षेत्र में एक 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले के तीन नामजद आरोपियों में से दो को गिरफ्तार कर लिया है जबकि तीसरे फरार आरोपित की तलाश जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना सोमवार दोपहर की है जब सातवीं कक्षा की छात्रा अपनी मां के बुलावे पर कुटुंबा रेफरल अस्पताल जा रही थी। रास्ते में देवरिया नहर के समीप कार सवार तीन युवकों ने उसे अस्पताल पहुंचाने का झांसा देकर गाड़ी में बैठा लिया। आरोप है कि इसके बाद वे उसे एक सुनसान स्थान पर ले गए जहां उक्त वारदात को अंजाम दिया गया। घटना के लगभग छह घंटे बाद आरोपी पीड़िता को देवरिया नहर के पास छोड़कर फरार हो गए।
घर पहुंचने पर पीड़िता ने अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत छापेमारी शुरू की और दो अभियुक्तों को हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गांव के ही प्रिंस और रौशन कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं तीसरे आरोपी झुनू के फरार होने की बात सामने आई है। बताई जा रही है की घटना में इस्तेमाल की गई कार राजू की है। पुलिस फरार आरोपी की गिरफ्तारी और कार की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
पीड़िता के पिता ने बताया कि मैं मजदूर हूं और घटना के समय काम के सिलसिले में घर से बाहर था। उन्होंने रोते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कुटुंबा थानाध्यक्ष इमरान आलम ने बताया कि नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म की बात सामने आई है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है जबकि तीसरे आरोपित की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। घटना में प्रयुक्त कार की बरामदगी के लिए भी पुलिस कार्रवाई कर रही है। मामले की पूरी जांच की जा रही है और फरार आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि मासूमियत के भरोसे और सामाजिक सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक दर्दनाक सच्चाई है। यह घटना कानून-व्यवस्था के जमीनी क्रियान्वयन पर सवाल उठाता है। दिनदहाड़े किसी सार्वजनिक या अर्ध-शहरी मार्ग से किसी नागरिक का इस प्रकार प्रभावित होना स्थानीय पुलिस प्रशासन की गश्त प्रणाली और सुरक्षा निगरानी पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।