नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में आज जिले के अंतर्गत निर्माणाधीन स्वास्थ्य संस्थानों एवं स्वास्थ्य संबंधी आधारभूत संरचनाओं की प्रगति की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs), हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों (HWCs) तथा अन्य संबंधित परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने सीएचसी कुटुम्बा एवं सीएचसी नवीनगर के निर्माण कार्यों को पूर्ण करने हेतु संबंधित संवेदकों एवं पदाधिकारियों को समय-सीमा निर्धारित करते हुए सभी कार्य शीघ्र पूर्ण करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यों को पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में जिले के विभिन्न प्रखंडों में निर्माणाधीन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपलब्ध प्रगति प्रतिवेदन के अनुसार, कई केंद्रों पर निर्माण कार्य 90 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है, जबकि कुछ केंद्रों पर कार्य अभी अपूर्ण है। ओबरा प्रखंड के गइनी, मालवां एवं तेजपुरा, हसपुरा प्रखंड के जैतपुर एवं टाल तथा रफीगंज प्रखंड के लोहारा, माई एवं नरैच सहित कई केंद्रों पर निर्माण कार्य की प्रगति 90 प्रतिशत दर्ज की गई है।
वहीं, दाउदनगर प्रखंड के तरार इमामगंज केंद्र पर अतिक्रमण एवं पहुंच पथ की अनुपलब्धता के कारण कार्य प्रारंभ नहीं होने की स्थिति प्रतिवेदित है। गोह प्रखंड के हरिगांव, महेश परासी एवं अलहन परासी केंद्रों पर भूमि की कमी से संबंधित समस्या दर्ज की गई है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं, विशेषकर भूमि संबंधी समस्याओं, अतिक्रमण एवं पहुंच पथ की अनुपलब्धता का संबंधित पदाधिकारी प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करें। जिन केंद्रों पर निर्माण कार्य अंतिम चरण में है, उन्हें शीघ्र पूर्ण कराया जाए तथा सभी अपूर्ण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए।
जिलाधिकारी ने बीएमसीआईसीएल के संवेदकों को निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करें। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विद्युत कनेक्शन, पेयजल, शौचालय तथा अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद स्वास्थ्य संस्थानों का सुचारू संचालन हो सके और आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जा सकें।
उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा करने तथा कार्यों की प्रगति में तेजी लाने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य संस्थानों का समयबद्ध निर्माण, गुणवत्ता सुनिश्चित करना तथा आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
उक्त समीक्षा बैठक में सिविल सर्जन, औरंगाबाद, डीपीएम (स्वास्थ्य), संबंधित प्रखंडों के प्रभारी पदाधिकारी, बीएमसीआईसीएल के संवेदक एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।