फर्जी रेलवे भर्ती फॉर्म से युवक को नौकरी का झांसा देने का आरोप, डीआरएम कार्यालय में पकड़े गए दोनों अभियुक्त
नवबिहार टाइम्स संवाददाता
खगौल। रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा और ठगी करने के आरोप में आरपीएफ ने एक महिला और एक पुरुष को पकड़कर खगौल थाना पुलिस के हवाले किया है। दोनों पर एक युवक को रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए ठगी करने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, दानापुर में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर आरपीएफ पोस्ट दानापुर के प्रभारी निरीक्षक एवं अन्य जवान मौके पर पहुंचे। पूछताछ में पता चला कि दिव्या कुमारी, निवासी गाजीपुर, उत्तर प्रदेश और मणिशंकर, निवासी बिहटा, पटना, मालदा शहर, पश्चिम बंगाल निवासी गौरंगा मंडल को रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर रेलवे भर्ती बोर्ड गुवाहाटी का फॉर्म भरवा रहे थे।
बताया गया कि मंडल रेल कार्यालय में मुख्य कर्मचारी कल्याण निरीक्षक पंकज कुमार की नजर दोनों की संदिग्ध गतिविधियों पर पड़ी। संदेह होने पर उन्होंने इसकी सूचना वरीय अधिकारियों को दी। जांच के दौरान रेलवे भर्ती बोर्ड गुवाहाटी से संबंधित फर्जी दस्तावेज मिलने की बात सामने आई।
पूछताछ में गौरंगा मंडल ने बताया कि फेसबुक के माध्यम से उसकी संपर्क दिव्या कुमारी से हुई थी और उसे रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर दानापुर बुलाया गया था। वहीं, दिव्या कुमारी के पास से योगदान पत्र का प्रोफार्मा, फिंगर प्रिंट प्रोफार्मा, कर्मचारी नियुक्ति फॉर्म और एम्प्लॉयमेंट डिटेल्स प्रोफार्मा की कुल 24 प्रतियां लाल रंग की क्लिप फाइल में मिलीं। उसके पास बिहार सरकार का एक परिचय पत्र भी बरामद हुआ, जिसमें उसे स्कैनिंग/डाटा एंट्री ऑपरेटर के रूप में दर्शाया गया था।
पूछताछ के दौरान दिव्या कुमारी ने बताया कि सागर नामक व्यक्ति ने उसे रेलवे भर्ती बोर्ड गुवाहाटी का फर्जी फॉर्म उपलब्ध कराया था। आरपीएफ के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने ठगी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
इसी दौरान पूछताछ के बीच गौरंगा मंडल डीआरएम कार्यालय से बाहर निकल गया और बाद में तलाश के बावजूद उसका पता नहीं चल सका। मामले में मुख्य कर्मचारी कल्याण निरीक्षक पंकज कुमार की ओर से खगौल थाना में लिखित प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
इसके बाद आरपीएफ ने दिव्या कुमारी और मणिशंकर को खगौल थाना पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार गौरंगा मंडल की तलाश के साथ-साथ कथित सागर की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।