नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
मसौढ़ी। पितरों की प्रथम मोक्ष स्थली के रूप में विख्यात पुनपुन में 25 सितंबर से चल रहा 17 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय पितृपक्ष मेला शनिवार को आश्विन अमावस्या पर जल तर्पण, सेजिया दान के साथ संपन्न हो गया। इस बार मेले में देश-विदेश से 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। सूर्योदय के साथ ही पुनपुन नदी के तट पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया जो दोपहर बाद तक जारी रहा। श्रद्धालुओं ने अपने पितरों की आत्मा की शांति, मोक्ष प्राप्ति और उद्धार की कामना के साथ तीर्थ पुरोहितों के निर्देशन में पिंडदान, श्राद्धकर्म और तर्पण किया। देश के विभिन्न राज्यों से आए तीर्थयात्रियों के साथ-साथ पुनपुन और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने भी पूरे विधि-विधान और आस्था के साथ अपने पितरों को जल अर्पित किया।

माना जाता है कि पुनपुन घाट को पिंडदान का प्रथम द्वार माना जाता है, जहां कभी भगवान श्रीराम ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पहले पिंड का तर्पण किया था। इसलिए हर साल यहां अंतरराष्ट्रीय पितृपक्ष मेले का आयोजन होता है। बहरहाल मसौढ़ी अनुमंडल प्रशासन द्वारा आयोजित समापन समारोह में मेले को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी प्रशासनिक पदाधिकारियों, स्वच्छता कर्मी एसडीआरएफ मेडिकल टीम को सम्मानित किया गया। मेला का विधिवत समापन विधायक श्याम रजक और एसडीएम धनराज कुमार ने किया। मंच संचालन मसौढी बीडीओ प्रभाकर कुमार ने किया मौके पर कार्यपालक दंडाधिकारी धर्मवीर कुमार के अलावा सभी प्रशासनिक पदाधिकारी शामिल रहे।
इस दौरान एसडीएम धनराज कुमार ने भूमि सुधार उप समाहर्ता, पुनपुन बीडीओ, थानाध्यक्ष सहित विभिन्न पदाधिकारियों को उनके सराहनीय कार्य के लिए सम्मानित किया,एसडीएम ने कहा,पुनपुन अंतरराष्ट्रीय पिंडदान स्थल है, जहां कभी भगवान श्रीराम ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया था। इसकी ख्याति को और बढ़ाने का प्रयास हम सभी कर रहे हैं। इस अवसर पर जिला जदयू ग्रामीण अशोक सिंह, पुनपुन जदयु प्रखंड अध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद, बीस सूत्री उपाध्यक्ष सिंटू सिंह, सतगुरु प्रसाद, बीजेपी के नीरज गुप्ता आदि शामिल रहे।