झारखंड के पहले रेलवे बाईपास का सांसद निशिकांत दुबे ने किया उद्घाटन, जसीडीह स्टेशन पर कम होगा ट्रेनों का दबाव
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
देवघर। देवघर में रेल यातायात को सुगम बनाने की दिशा में गुरुवार को महत्वपूर्ण पहल की गई। देवघर स्टेशन पर जसीडीह बाईपास रेलवे लाइन का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे, ईस्टर्न रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पांडे, डीआरएम गुरुप्रकाश सहित रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उद्घाटन के बाद हरी झंडी दिखाकर पहली ट्रेन को जसीडीह बाईपास रेल लाइन से रवाना किया गया। इस नई रेल लाइन के शुरू होने से ट्रेनों को जसीडीह स्टेशन पर इंजन बदलने की प्रक्रिया यानी लोको रिवर्सल से राहत मिलेगी। साथ ही स्टेशन पर ट्रेनों का दबाव कम होने और रेल परिचालन अधिक सुगम होने की उम्मीद है।

झारखंड का पहला रेलवे बाईपास : निशिकांत दुबे
उद्घाटन समारोह में सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक कार्यकाल और विकसित भारत के संकल्प को ध्यान में रखते हुए यह पहल की गई है। उन्होंने कहा कि झारखंड में यह पहला रेलवे बाईपास है। सड़क बाईपास के बारे में तो लोगों ने सुना होगा, लेकिन रेलवे बाईपास की शुरुआत राज्य में पहली बार हुई है। उन्होंने बताया कि जल्द ही मधुपुर में भी इस तरह की व्यवस्था शुरू करने की योजना है। सांसद ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे लगातार आधारभूत संरचनाओं का विकास कर रहा है। जसीडीह बाईपास के चालू होने से भागलपुर की ओर से आने वाली ट्रेनों को जसीडीह स्टेशन पर लोको रिवर्सल की जरूरत नहीं पड़ेगी। ये ट्रेनें बाईपास से सीधे अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगी। इससे यात्रियों के समय की बचत होगी और परिचालन में भी सहूलियत मिलेगी। उन्होंने देवघर स्टेशन के महत्व को बढ़ाने के साथ बैद्यनाथ धाम स्टेशन के पुनर्विकास की बात भी कही।

ईस्टर्न रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पांडे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में भारतीय रेलवे लगातार काम कर रही है। जसीडीह बाईपास रेल लाइन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।उन्होंने कहा कि इस परियोजना से यात्रियों को सुविधा मिलेगी और जसीडीह स्टेशन पर ट्रेनों का दबाव कम होगा। लोको रिवर्सल की प्रक्रिया समाप्त होने से रेल परिचालन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। यह क्षेत्र के रेल यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सौगात है।