नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
सीवान। बुधवार को बस्ती से सीवान आ रही गाड़ी संख्या 15708 आम्रपाली एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे में उस वक्त सन्नाटा और बेचैनी छा गई, जब एक गर्भवती महिला की प्रसव पीड़ा से चीखें गूंज उठीं। सीवान स्टेशन आने से अभी दूरी थी और भीड़भाड़ वाले डिब्बे में हर कोई सहमा हुआ था। ट्रेन के सीवान रुकने से पहले ही डिब्बे के भीतर एक नन्हीं जान ने जन्म ले लिया।
जैसे ही सूचना वाराणसी आरपीएफ नियंत्रण कक्ष से मिली, सीवान स्टेशन पर तैनात आरपीएफ उप निरीक्षक जयेंद्र कुमार मिश्रा और हेड कांस्टेबल ओम प्रकाश मिश्रा बिना एक पल गंवाए दौड़ पड़े। उनके चेहरे पर मदद का जज्बा था। ट्रेन के सीवान रुकने से पहले ही डिब्बे के भीतर एक नन्हीं जान ने जन्म ले लिया। जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित थे। रेलवे अस्पताल की मेडिकल टीम ने तुरंत पहुंचकर दोनों की देखभाल की और उन्हें सुरक्षित नीचे उतारा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब सफर के दौरान शाहिस्ता नाम की महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। साथ यात्रा कर रही उनकी मां अनिता खातून और ननद रजिया खातून की सांसें थम सी गईं। लेकिन मुश्किल की इस घड़ी में चलती ट्रेन में ही शाहिस्ता ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। जैसे ही यह खबर रेलवे तक पहुंची, आरपीएफ और मेडिकल टीम मुस्तैद हो गई। स्टेशन आते ही पूरी टीम ने दौड़कर मां-बच्चे को संभाला और इलाज दिया। डॉक्टरों ने जब दोनों को स्वस्थ घोषित किया, तब जाकर परिवार के चेहरे पर मुस्कान लौटी।
आज एक मां अपने कलेजे के टुकड़े को सुरक्षित गोद में लिए मुस्कुराते हुए अपने घर लौट गई है। यह घटना साबित करती है कि इंसानियत और समय पर मिला साथ चमत्कारों से कम नहीं होता।