800 मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता की एक और इकाई की स्थापना संभावित
पिछले वर्ष बीआरबीसीएल को 400 करोड़ से अधिक का लाभ
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। एनटीपीसी लिमिटेड और भारतीय रेल के संयुक्त उपक्रम भारतीय रेल बिजली कंपनी लिमिटेड (बीआरबीसीएल) की औरंगाबाद जिले के नबीनगर में स्थापित सुपर थर्मल पावर परियोजना का विस्तार किया जायेगा। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपक रंजन देहुरी ने आज परियोजना परिसर स्थित आनंदा सभागार में प्रेस वार्ता में बताया कि नबीनगर परियोजना के तहत 800 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता वाले एक और इकाई की स्थापना को लेकर प्रारंभिक रिपोर्ट सकारात्मक है।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना में 800 मेगावाट की एक और इकाई की स्थापना के लिए फिलहाल व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस रिपोर्ट के आने के साथ ही इस परियोजना के विस्तार का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। श्री देहुरी ने बताया कि परियोजना के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं होगी और इसके लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के विस्तार के साथ ही वर्तमान उत्पादन क्षमता 1000 मेगावाट से बढ़कर 1800 मेगावाट हो जाएगी।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान बीआरबीसीएल को 400 करोड़ रुपए से अधिक का मुनाफा हुआ है और एनटीपीसी एवं भारतीय रेल को 250 करोड़ रुपए का अंतरिम लाभांश प्रदान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि बीआरबीसीएल की ओर से बिहार के विकास में योगदान दिया जा रहा है और इस परियोजना से फिलहाल 100 मेगावाट बिजली बिहार को मिल रही है जबकि 900 मेगावाट बिजली रेलवे को मिलती है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि कंपनी के सामाजिक निगमित दायित्व के तहत परियोजना प्रभावित गांवों में सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, बालिका सशक्तिकरण आदि बुनियादी सुविधाएं सुलभ कराने के लिए कई कार्य कराए गए हैं जिससे क्षेत्र में विकास की नई तस्वीर बनी है।
प्रेस वार्ता में मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बीआरबीसीएल की स्थापना, कार्यप्रणाली एवं देश की ऊर्जा आवश्यकताओं में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एनटीपीसी लिमिटेड एवं भारतीय रेल के संयुक्त उद्यम के रूप में स्थापित बीआरबीसीएल आज ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण इकाई के रूप में कार्य कर रही है, जहां 250 मेगावाट क्षमता की चारों इकाइयां सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं।
वित्त वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों को साझा करते हुए श्री देहुरी ने बताया कि बीआरबीसीएल ने कुल 6089.99 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया। इस अवधि में स्टेशन डीसी 87.95 प्रतिशत एवं प्लांट लोड फैक्टर 69.52 प्रतिशत रहा। साथ ही, कुल राख उपयोग 132.38 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो पर्यावरणीय दायित्वों के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
श्री देहुरी ने यह भी जानकारी दी कि बीआरबीसीएल को विभिन्न राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है जिनमें सब-क्रिटिकल श्रेणी में चैंपियंस ट्रॉफी, पावर जेन मीट अवार्ड्स में वाटर मैनेजमेंट अवार्ड तथा ग्रीनटेक फाउंडेशन द्वारा कॉर्पोरेट लीडरशिप अवार्ड शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, जनसंपर्क एवं कॉर्पोरेट उत्तरदायित्व के क्षेत्र में भी कंपनी को पीआरसीआई एक्सीलेंस अवार्ड्स में चार सम्मान प्राप्त हुए हैं।
सामाजिक दायित्वों के तहत बीआरबीसीएल द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए श्री देहुरी ने बताया कि परियोजना प्रभावित गांवों में सड़क निर्माण, सोलर हाई मास्ट लाइट की स्थापना, पांच डायग्नोस्टिक सेंटर निर्माण एवं आईटीआई की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही, टीबी मरीजों के लिए न्यूट्रिशन किट वितरण एवं बालिकाओं के लिए बालिका सशक्तिकरण अभियान जैसे कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, जनजातीय समुदाय के 51 परिवारों को सोलर ऊर्जा के माध्यम से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व ये परिवार विद्युत सुविधा से वंचित थे।
प्रेस वार्ता में महाप्रबंधक (ओ एंड एम) एसके सुधाकर, अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) संतोष उपाध्याय भी उपस्थित थे।