मसौढ़ी बाजार में बिगड़ी यातायात व्यवस्था से लोग परेशान, रूट-स्टैंड और पार्किंग तय करने की उठी मांग
नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मसौढ़ी। मसौढ़ी बाजार की लचर यातायात व्यवस्था और ई-रिक्शा चालकों की मनमानी अब आम लोगों के साथ पुलिसकर्मियों के लिए भी परेशानी का कारण बनती जा रही है। बेतरतीब तरीके से सड़कों पर दौड़ रहे ई-रिक्शा के कारण आए दिन जाम और दुर्घटनाएं हो रही हैं। मंगलवार को इसका एक उदाहरण स्टेट बैंक चौक के समीप देखने को मिला, जहां ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस जवान को तेज रफ्तार ई-रिक्शा चालक ने ठोकर मार दी। हादसे के बाद गुस्साए जवान ने सड़क पर ही चालक की पिटाई कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे स्टेट बैंक चौक के पास एक ई-रिक्शा चालक तेज गति और कथित लापरवाही से वाहन चला रहा था। इसी दौरान ई-रिक्शा ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस जवान को ठोकर मार दी। ठोकर लगने से जवान सड़क पर गिर गया और उसके पैर में चोट आई।
हादसे के बाद पुलिस जवान ने ई-रिक्शा चालक को पकड़ लिया और सड़क पर ही उसकी पिटाई शुरू कर दी। अचानक हुई घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। बताया जाता है कि ई-रिक्शा चालक द्वारा माफी मांगने के बाद जवान ने उसे छोड़ दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मसौढ़ी बाजार में ई-रिक्शा की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इनके परिचालन को लेकर कोई स्पष्ट व्यवस्था नजर नहीं आती। लोगों के अनुसार बाजार, थाना रोड, अस्पताल रोड और बस स्टैंड क्षेत्र में बड़ी संख्या में ई-रिक्शा बगैर निर्धारित रूट के चलते हैं। सड़क किनारे आड़ा-तिरछा वाहन खड़ा कर सवारी बैठाना, बीच सड़क पर वाहन मोड़ना और क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाना आम हो गया है।
लोगों का आरोप है कि कई ई-रिक्शा चालक यातायात नियमों का पालन नहीं करते। कुछ चालकों की उम्र कम होने तथा बिना उचित दस्तावेज वाहन चलाने की भी शिकायतें सामने आती रही हैं। इसके कारण बाजार में जाम की समस्या गंभीर बनी रहती है। स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को आवागमन में परेशानी होती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई मौकों पर ई-रिक्शा के अनियंत्रित परिचालन के कारण दुर्घटनाएं भी हुई हैं।
स्थानीय लोगों ने कहा कि मसौढ़ी बाजार में ई-रिक्शा के लिए निर्धारित रूट, स्टैंड और पार्किंग की व्यवस्था जरूरी है। लोगों का कहना है कि इससे सड़क पर बेतरतीब तरीके से ई-रिक्शा खड़ा करने की समस्या कम होगी और बाजार में यातायात सुचारु हो सकेगा।
लोगों ने अनुमंडल प्रशासन से ई-रिक्शा के कागजात और चालकों के लाइसेंस की जांच कराने, नाबालिग अथवा बिना लाइसेंस वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई करने तथा प्रमुख चौक-चौराहों पर यातायात पुलिस की तैनाती की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो जाम के साथ हादसों की समस्या भी बढ़ सकती है।