नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। आज औरंगाबाद जिले के कुटुंबा प्रखंड अंतर्गत महाराजगंज स्थित देवी मंदिर के समीप एक गोदाम में अवैध रूप से उर्वरक भंडारण एवं बिक्री किए जाने की गुप्त सूचना प्राप्त हुई।
प्राप्त सूचना के आलोक में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों के तहत अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा अंचलाधिकारी, कुटुंबा को दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया। साथ ही जिला कृषि कार्यालय द्वारा उर्वरक निरीक्षक-सह-प्रखंड कृषि पदाधिकारी दीपक कुमार, कृषि समन्वयक प्रवीण सिंह तथा किसान सलाहकार दिलफराज अशर्फी की संयुक्त जांच टीम गठित की गई।

जांच दल द्वारा संध्या लगभग 5 बजे संबंधित गोदाम का ताला खुलवाकर भौतिक सत्यापन किया गया। निरीक्षण के दौरान गोदाम से 105 बोरा जिंकेटेड सिंगल सुपर फॉस्फेट तथा 284 बोतल इफको नैनो यूरिया बरामद किया गया।
जांच में पाया गया कि उक्त उर्वरक बिना किसी वैध अनुज्ञप्ति के गोदाम के किरायेदार अभिषेक प्रसाद जायसवाल, पिता- घनश्याम प्रसाद जायसवाल द्वारा विक्रय के उद्देश्य से भंडारित किया गया था।
जिला प्रशासन द्वारा अवैध रूप से भंडारित समस्त उर्वरक को तत्काल जप्त कर गोदाम को सील कर दिया गया। साथ ही गोदाम के किरायेदार अभिषेक प्रसाद जायसवाल के विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 7 के अंतर्गत कुटुंबा थाना में दिनांक 23 जुलाई 2026 को प्राथमिकी दर्ज कराते हुए विधिसम्मत कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों के प्रतिकूल अवैध उर्वरक भंडारण, कालाबाजारी अथवा बिना वैध अनुज्ञप्ति के उर्वरक विक्रय करने वालों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार कठोर एवं निरंतर कार्रवाई की जाएगी।