होली पर्व 2026 के अवसर पर शांति समिति की बैठक आयोजित
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। आज जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देशानुसार योजना भवन के सभा कक्ष में सदर अनुमंडल पदाधिकारी संतन कुमार सिंह की अध्यक्षता में होली पर्व 2026 के अवसर पर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि इस वर्ष होली पर्व दिनांक 03.03.2026 एवं 04.03.2026 को मनाया जाएगा। होली आपसी प्रेम, भाईचारा एवं सामाजिक सौहार्द का पर्व है, जिसे शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की जबरन रंग लगाने, कीचड़, गोबर या पेंट फेंकने, कपड़े फाड़ने अथवा आपत्तिजनक व्यवहार से विवाद उत्पन्न हो सकता है, जिससे विधि-व्यवस्था प्रभावित होती है।
बैठक में विशेष रूप से यह निर्देश दिया गया कि किसी भी समुदाय विशेष के धार्मिक स्थलों, विशेषकर कब्रिस्तानों एवं अन्य पूजा स्थलों के आसपास विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि शरारती तत्वों द्वारा साम्प्रदायिक सद्भाव को प्रभावित करने का प्रयास विफल किया जा सके। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों एवं संवेदनशील/अतिसंवेदनशील स्थलों को चिन्हित कर वहां दण्डाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं पर्याप्त पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है।
अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि होलिका दहन के अवसर पर लोकगीत (फगुआ) गाते समय अश्लील अथवा आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाए। होलिका दहन के दौरान जान-बूझकर किसी के सामान को आग में डालना, फूस की झोपड़ियों, फसल या जलावन में आग लगाना, पूर्व विवाद के कारण समय से पूर्व होलिका दहन करना अथवा राख फेंककर उकसाने का प्रयास करना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जुलूस या समूह में गीत-संगीत के साथ किसी समुदाय विशेष के मुहल्लों या धार्मिक स्थलों के सामने से गुजरते समय संयम एवं मर्यादा का पालन किया जाए। धार्मिक उन्माद फैलाने वाले नारे, डी.जे. पर अश्लील गीतों का प्रसारण, आपत्तिजनक टिप्पणी, महिलाओं के साथ छेड़खानी अथवा असंसदीय व्यवहार करने वालों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
होली के अवसर पर नशाखोरी की संभावनाओं को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। यद्यपि बिहार राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू है, फिर भी चोरी-छिपे शराब लाने, बेचने या सेवन करने तथा गांजा, भांग आदि मादक पदार्थों के सेवन की आशंका को देखते हुए पुलिस द्वारा सघन जांच एवं निगरानी की जाएगी, विशेषकर सीमावर्ती क्षेत्रों में।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने एवं साम्प्रदायिक विद्वेष फैलाने वाले तत्वों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता/प्रासंगिक विधिक धाराओं के अंतर्गत निरोधात्मक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। किसी भी प्रकार की घटना को हल्के में नहीं लिया जाएगा तथा दो समुदायों के बीच उत्पन्न छोटे से छोटे विवाद का भी त्वरित एवं गंभीरता से समाधान किया जाएगा।
अंत में अनुमंडल पदाधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों एवं आम नागरिकों से अपील की कि वे प्रशासन का सहयोग करें तथा होली पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं भाईचारे के वातावरण में मनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
बैठक में सदर एसडीपीओ 1 संजय पांडे, प्रखंड विकास पदाधिकारी औरंगाबाद, थानाध्यक्ष मुफस्सिल, थानाध्यक्ष नगर एवं शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे।