नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। शाहाबाद और मगध क्षेत्र के सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. सुनील बोस का 98 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने गोवा स्थित अपने निजी आवास में अंतिम सांस ली। लगभग छह दशकों तक डिहरी में स्वास्थ्य सेवाओं के पर्याय रहे डॉ. बोस के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

डॉ. बोस अपने सरल स्वभाव, समर्पित सेवा और उत्कृष्ट चिकित्सा के लिए जाने जाते थे। लाखों मरीजों का उपचार कर उन्होंने समाज में सेवा और मानवता की मिसाल कायम की। स्थानीय लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

चिकित्सा जगत में भी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया है। औरंगाबाद के चिकित्सकों ने इसे अपूरणीय क्षति बताया है।
प्रख्यात चिकित्सक डॉ. बी.के. सिंह ने कहा, “डॉ. सुनील बोस का निधन चिकित्सा जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने जिस समर्पण और निष्ठा के साथ जीवनभर मरीजों की सेवा की, वह हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका जाना वास्तव में एक युग का अंत है।”
जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. रवि रंजन ने कहा, “वे केवल एक कुशल चिकित्सक ही नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक भी थे। नई पीढ़ी के डॉक्टरों को उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला है। उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा।”
प्रख्यात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शीला वर्मा ने कहा, “डॉ. बोस का जीवन सेवा, करुणा और मानवीय मूल्यों का प्रतीक था। उनका सादा जीवन और मरीजों के प्रति समर्पण हमेशा हमें प्रेरित करता रहेगा।”
सर्जन डॉ. अनिल कुमार सिन्हा ने कहा, “उन्होंने चिकित्सा पेशे को समाज सेवा का माध्यम बनाया और अपने कार्यों से उच्च आदर्श स्थापित किए। उनका निधन हम सभी के लिए व्यक्तिगत क्षति जैसा है।”
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शोभा रानी ने कहा, “चिकित्सा जगत ने आज एक ऐसे वरिष्ठ और अनुभवी चिकित्सक को खो दिया है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा।”
आइएमए के अध्यक्ष डॉ. वीरेन्द्र कुमार सिंह ने कहा, “डॉ. सुनील बोस अपने उत्कृष्ट चिकित्सा कौशल, अनुभव और व्यवहार के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। वे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।”
डॉ. सुनील बोस के निधन से न केवल डिहरी, बल्कि पूरे क्षेत्र ने एक ऐसे चिकित्सक को खो दिया है, जिसने चिकित्सा सेवा को अपना जीवन समर्पित कर दिया था।