नवबिहार टाइम्स संवाददाता
दाउदनगर (औरंगाबाद)। भाकपा माले द्वारा शहर के वार्ड संख्या छह स्थित नीलकोठी में 140 वीं अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया गया। नगर सचिव सह निर्माण मजदूर यूनियन के जिला अध्यक्ष बिरजू चौधरी ने नेतृत्व किया। कहा कि आज जब अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस मना रहे हैं तो 1886 को अमेरिका के शिकागो शहर में हुए मजदूरों का रक्तरंजित आम हड़ताल याद आ रहा है।
जब मजदूरों को जानवर समझ कर बैल की तरह 16 से 18 घंटा खटाया जाता था। न खाने का ठीक न सोने का ठीक रहता था। मजदूरों को अपनी बेटा बेटी से प्यार स्नेह भी नसीब नहीं होता था। जब मजदूर काम पर गया तो बच्चा सोया है और काम से आया तो बच्चा सोया है। कहा कि ठीक उसी तरह भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मजदूर विरोधी चार श्रम कोड बिल लाकर हम मजदूरों का आठ घंटा काम, आठ घंटा मनोरंजन और आठ घंटा आराम जो हजारों मजदूरों की कुर्बानी के बाद अधिकार मिला था, उसे पूंजीपतियों के पक्ष में और मजदूरों के विरोध में कानून बना कर मजदूरों का अधिकार छीन लिया।
इसके खिलाफ आज मजदूर सम्मान जनक जिन्दगी जीने के लिए, मजदूरी पाने के लिए, बरौनी तेल शोधक कारखाने के मजदूर, मानेसर, नोएडा, हरियाणा, सुरत, गुड़गांव सहित पूरे भारत के मजदूर अपने अपने औद्योगिक क्षेत्र से लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर संवैधानिक रूप से शांति पूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मजदूरों को न तो सम्मान जनक मजदूरी मिल पा रही है न तो सम्मान जनक जिन्दगी। महंगाई चरम पर है। प्रवासी मजदूर को रसोई गैस की किल्लत का मार झेलना पड़ रहा है। मजदूर अपने प्रदेश न चले जाय इसलिए उसे सही समय पर सही मजदूरी भी नहीं मिल पा रहा है। मजदूर घुट घुट कर जीने पर मजबूर हैं।
मजदूरों के समर्थन में उतरे बुद्धिजीवियों,समर्थकों की आवाज को मोदी सरकार ने दबाने के लिए इनके समर्थक नेताओं को जेल के सलाखों में बन्द कर दिया है। दूसरी तरफ बिहार में योग्य निर्माण मजदूरों के सही निबंधन न कर गांव गांव में दलाल छोड़ दिया है जो सही मजदूरों का हक मार कर मनरेगा की तरह हक को लूट लिया जा रहा है। इसलिए बिहार राज्य निर्माण मजदूर यूनियन मई दिवस के अवसर पर सरकार से मांग करता है कि मजदूर विरोधी चार श्रम कोड बिल वापस ले।
मजदूरों का सभी तरह का पुराना श्रम अधिकारों को पुनर्बहाल करे। संगठित मजदूरों को पुरानी पेंशन योजना को पुनर्बहाल करे। असंगठित निर्माण मजदूरों को दस हजार रूपये पेंशन लागू करे। निर्माण मजदूरों के निबंधन को सरल कर अवैध निबंधन पर रोक लगाए। प्रवासी मजदूरों को रसोई गैस सुलभ करे। इजरायल -अमेरिका द्वारा ईरान पर थोपे गए युद्ध समाप्ति का भारत कंठ खोले।
इस कार्यक्रम में संजय कुमार, फातमा खातून, गणेश कुमार, राहुल कुमार, मुन्ना राम, भिखारी राम, राधिका देवी, सुनैना देवी, उर्मिला देवी, जोखन राम, शंकर राम, अशोक राम, अरविन्द राम, दिनेश राम, अनिकेत कुमार, गोविन्द राम, बृजनंदन राम, छोटेलाल राम, राहुल कुमार, बिगन राम, राजेन्द्र राम शामिल हुए।