नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। विद्यालयों में आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में विवेकानंद वीआईपी स्कूल में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एवं संगणनात्मक चिंतन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों के तकनीकी कौशल, तार्किक सोच एवं समस्या समाधान क्षमता का विकास करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के चेयरमैन मनीष वत्स, निर्णायक मंडल के सदस्य अनूप कुमार, मो. आलम तथा विद्यालय के प्राचार्य नरेंद्र सिंह ने दीप प्रज्वलित एवं स्वामी विवेकानंद के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। इस अवसर पर सभी अतिथियों को विद्यालय का प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

कार्यशाला में संसाधन सेवी के रूप में विभिन्न विद्यालयों के 11 शिक्षकों ने प्रस्तुति दी, जबकि करीब 40 शिक्षकों ने इसमें भाग लिया। प्रस्तुतकर्ताओं ने सरल एवं रोचक तरीके से बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आज मोबाइल वॉइस असिस्टेंट, ऑनलाइन शॉपिंग, चिकित्सा एवं अन्य क्षेत्रों में किस प्रकार उपयोगी साबित हो रही है।
सत्र के दौरान संगणनात्मक चिंतन के चार प्रमुख चरण विघटन, पैटर्न पहचान, अमूर्तीकरण एवं एल्गोरिद्म निर्माण को गतिविधियों और खेल-आधारित तरीकों से समझाया गया। प्रतिभागियों को एआई टूल्स के माध्यम से बिना कोडिंग के समस्या समाधान की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया। साथ ही एआई के नैतिक उपयोग एवं इसकी सीमाओं पर भी चर्चा की गई।
अपने संबोधन में चेयरमैन मनीष वत्स ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप छात्रों को 21वीं सदी के कौशल से लैस करना विद्यालय की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यशालाएँ छात्रों में जिज्ञासा, रचनात्मकता एवं नवाचार की भावना विकसित करती हैं और भारत को डिजिटल युग में अग्रणी बनाने में नई पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
विद्यालय की उपप्राचार्य सूची कुमारी ने कहा कि छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए विज्ञान, तकनीक एवं नवाचार से जुड़े आयोजन भविष्य में भी जारी रहेंगे। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन शिक्षक अविनाश कुमार ने किया।