नवबिहार टाइम्स संवाददाता
दाउदनगर (औरंगाबाद)। पुलिस द्वारा पकड़े गए चोर के बयान पर स्वर्णाभूषण व्यवसायियों को गिरफ्तार या परेशान करने के मामले को लेकर व्यवसाईयों ने शुक्रवार को शहर के लक्ष्मी भवन में बैठक की। हसपुरा और दाउदनगर की ज्वेलरी दुकानों को बंद रखा गया। स्वर्णकार आभूषण व्यवसायी संघ की इस बैठक की अध्यक्षता डॉ राजेंद्र प्रसाद सर्राफ ने की। इसमें हसपुरा प्रखंड के भी तमाम ज्वेलर्स शामिल हुए।
राजकुमार खत्री, सुनील खत्री, उपेन्द्र कश्यप, गोपाल सोनी, रवि रंजन स्वर्णकार, नंदकिशोर प्रसाद, नरेश प्रसाद समेत तमाम दुकानदार शामिल हुए। कहा गया कि चोर के कहने पर पुलिस विश्वास करती है और उसके कहने पर किसी भी दुकानदार को पुलिस उठा कर ले जा रही है। यह उचित नहीं है। सवाल यह है कि आखिर कोई दुकानदार यह कैसे जानेगा कि सामान बेचने आने वाला व्यक्ति चोर है या चोरी का माल लेकर आया है। बैठक के बाद एक ज्ञापन डीएसपी अशोक कुमार दास को उनके कार्यालय में जाकर दिया गया।
डीएसपी ने कहा कि पुराने या नए जेवर बेचने आने वालों की तस्वीर, उसका आधार कार्ड और जेवर का फोटो का रिकार्ड रखें। दिए गए ज्ञापन में स्वर्णकार व्यवसायियों ने कहा है कि पुलिस ज्वेलरी दुकानदारों को गिरफ्तार किए गए कथित चोर के कहने पर पकड़ कर थाना ले जाती है। इससे उनकी प्रतिष्ठा का हनन हो रहा है। कई बार आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ता है।
जबकि दुकानदार चोरी का माल समझकर नहीं खरीदा होता है। उचित मूल्य देकर जब कोई जेवरात खरीद किया गया हो तो उस स्थिति में चोरी में संलिप्त बताकर गिरफ्तार करना कहां तक उचित है। आम तौर पर लोग पढ़ाई की फीस देने, इलाज कराने, दसकर्म व ब्रह्मभोज करने जैसे कार्य के लिए आर्थिक तंगी में जेवरात बेचने जेवेलर्स के पास जाते हैं।
ऐसे में दुकानदार कैसे तय कर सकेगा कि सामान बेचने आने वाला व्यक्ति चोर है या चोरी का माल लेकर आया है।