नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
औरंगाबाद। जिले में डीएपी और यूरिया खाद की कथित कालाबाजारी की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। यह कार्रवाई भाजपा के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह द्वारा जिला पदाधिकारी को भेजे गए पत्र के आधार पर की गई है।
पूर्व सांसद ने अपने पत्र में आरोप लगाया था कि जिले के विभिन्न प्रखंडों में डीएपी और यूरिया खाद की बड़े पैमाने पर कालाबाजारी हो रही है। उन्होंने बताया कि डीएपी खाद का सरकारी मूल्य 1,350 रुपये प्रति बोरी तथा यूरिया का सरकारी मूल्य 266 रुपये प्रति बोरी निर्धारित है, लेकिन किसानों से डीएपी 2,200 रुपये और यूरिया 400 रुपये प्रति बोरी तक वसूले जाने की शिकायत मिल रही है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि जिले में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण असिंचित क्षेत्रों में खेती प्रभावित है, जबकि नहरी क्षेत्रों में धान की रोपनी जारी है। ऐसे में किसानों को मजबूरी में ऊंची कीमत पर खाद खरीदनी पड़ रही है, जिससे उनकी आर्थिक परेशानी बढ़ गई है।
शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। टीम में गौरव सिंह (अनुमंडल पदाधिकारी, औरंगाबाद), अमित राजन (अनुमंडल पदाधिकारी, दाउदनगर) तथा संदीप राज (जिला कृषि पदाधिकारी, औरंगाबाद) को शामिल किया गया है।
जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को पूर्व सांसद के पत्र की प्रति उपलब्ध कराते हुए निर्देश दिया है कि वे संयुक्त रूप से जिले के विभिन्न प्रखंडों में खाद की कालाबाजारी और सरकारी दर से अधिक कीमत पर डीएपी एवं यूरिया की बिक्री की शिकायतों की जांच करें। जांच के दौरान यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित दोषियों के विरुद्ध तत्काल विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
साथ ही गठित जांच दल को निर्देश दिया गया है कि की गई कार्रवाई का विस्तृत प्रतिवेदन एक सप्ताह के भीतर जिला पदाधिकारी को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं।