छह मुस्लिम मोहल्लों से निकला ताजिया जुलूस, 47 संवेदनशील स्थलों पर मजिस्ट्रेट तैनात, ड्रोन व सीसीटीवी से हुई निगरानी
नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मसौढ़ी। मुहर्रम के अवसर पर शुक्रवार को मसौढ़ी शहर “या हुसैन, या हुसैन” के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। हजरत पैगंबर मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन की शहादत की याद में शहर के विभिन्न मुस्लिम मोहल्लों से ताजिया जुलूस निकाले गए। पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था, अनुशासन और सांप्रदायिक सौहार्द का सुंदर संदेश देखने को मिला।
इस वर्ष जुलूस में आगरा के ताजमहल, दिल्ली की जामा मस्जिद तथा मक्का-मदीना की आकृति पर तैयार किए गए आकर्षक ताजिए लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। पुरानी बाजार, दाउदपुर, कैलूचक, तारेगना, कश्मीरगंज, मलिकाना और हुसैनाबाद सहित छह मुस्लिम मोहल्लों से ताजिया जुलूस निकाले गए। अखाड़ों के सदस्य पारंपरिक करतबों का प्रदर्शन करते हुए “या हुसैन” के नारों के साथ आगे बढ़े।

सदर अखाड़ा नौजवान कमेटी, पुरानी बाजार की ओर से सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी अभिषेक कुमार, थानाध्यक्ष विवेक भारती, सब-इंस्पेक्टर नूर आलम, पूर्व उपमुख्य पार्षद पंकज कुमार सिंह, राहुल चंद्रा, कुमारी खुशबू रानी, शंभू सिंह, शिल्पी ठाकुर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
पुरानी बाजार से निकले ताजिया जुलूस में मो. अरफराज, साहिल, छोटू इराकी सहित अखाड़ा कमेटी के सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
मुहर्रम को लेकर पूरे अनुमंडल में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। प्रशासन ने 47 संवेदनशील स्थलों पर दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की थी। साथ ही ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे आयोजन की निगरानी की गई।
नौजवान अखाड़ा कमेटी के संयोजक मो. अरफराज साहिल ने कहा कि मुहर्रम हमें शांति, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है। उन्होंने सभी लोगों से पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की।
अनुमंडल पदाधिकारी अभिषेक कुमार ने कहा कि मुहर्रम शहादत, त्याग और सत्य के लिए संघर्ष का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
इस अवसर पर मो. मसूद रजा, डॉ. मंगल, शिक्षक पंकज कुमार सिंह, लालमोहन सिंह, वार्ड पार्षद उज्ज्वल कुमार, अश्विनी गोल्डी सहित कई सामाजिक एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।