नवबिहार टाइम्स संवाददाता
मसौढ़ी। पटना–गया रेलखंड के तारेगना रेलवे स्टेशन पर रेलवे प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। अभियान के दौरान स्टेशन के पूर्वी हिस्से में रेलवे की भूमि पर बनी करीब 50 झोपड़ियों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), जीआरपी, स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल तैनात रहे।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, स्टेशन के पूर्वी भाग में लंबे समय से झुग्गी-झोपड़ियां बनी हुई थीं, जिससे रेलवे के रखरखाव, सुरक्षा और विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे। अतिक्रमणकारियों को करीब 15 दिन पहले नोटिस देकर स्वयं जगह खाली करने का निर्देश दिया गया था। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया गया।
अभियान का नेतृत्व आरपीएफ सर्किल इंस्पेक्टर मनोज कुमार, पुलिस निरीक्षक प्रदीप कुमार, जीआरपी रेल थानाध्यक्ष सोनू कुमार तथा मजिस्ट्रेट के रूप में अंचलाधिकारी ऋषिकेश कुमार की मौजूदगी में किया गया।
कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध भी जताया। झोपड़ियों में रहने वाली कौशल्या देवी, बसंती देवी, राजमणि देवी, सुगनी देवी और राखी देवी सहित कई महिलाओं ने बताया कि वे वर्ष 1990 से यहां रह रही हैं। उनका कहना था कि बरसात के मौसम में छोटे बच्चों, बीमार लोगों और गर्भवती महिलाओं के साथ अब उनके सामने रहने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की कि अतिक्रमण हटाने से पहले गरीब परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था की जानी चाहिए। महिलाओं ने कहा कि वे दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं और अचानक बेघर होने से उनके सामने रोजी-रोटी का भी संकट पैदा हो गया है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले स्टेशन के पश्चिमी हिस्से में स्थित पुराने ऑयल डिपो को भी हटाया जा चुका है। उसकी लीज काफी पहले समाप्त हो गई थी और वहां भी अतिक्रमण हो गया था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रेलवे की भूमि को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए आगे भी अभियान जारी रहेगा। रेलवे परिसर में किसी भी प्रकार की नई झोपड़ी, दुकान या पक्का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।