कुलपति समेत शिक्षकों और छात्रों ने प्रतिमा पर अर्पित किए पुष्प, संगोष्ठी में भूदान आंदोलन और विनोबा के आदर्शों पर हुई चर्चा
नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
हजारीबाग। भूदान आंदोलन के प्रणेता, महान स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक भारत रत्न आचार्य विनोबा भावे की जयंती पर हजारीबाग स्थित विनोबा भावे विश्वविद्यालय में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित आचार्य विनोबा भावे की आदमकद प्रतिमा पर कुलपति प्रो. चंद्रभूषण शर्मा समेत विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्रोफेसरों और छात्रों ने पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान को नमन किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का उद्देश्य छात्रों को आचार्य विनोबा भावे के जीवन, विचारों और सिद्धांतों से अवगत कराना था। वक्ताओं ने उनके भूदान आंदोलन, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान तथा समाज सुधार के प्रयासों पर प्रकाश डाला।

कुलपति प्रो. चंद्रभूषण शर्मा ने कहा कि आचार्य विनोबा भावे त्याग, साधना और लोकसेवा के अद्भुत उदाहरण थे। महात्मा गांधी के विचारों से प्रभावित होकर उन्होंने देश की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय आचार्य विनोबा भावे के सिद्धांतों और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।
कुलपति ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भी महात्मा गांधी और आचार्य विनोबा भावे के विचारों की झलक मिलती है। विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ छात्रों में कौशल विकास पर भी जोर दे रहा है, ताकि प्रत्येक छात्र के हाथ में कोई न कोई हुनर हो और वे आत्मनिर्भर बन सकें।उन्होंने कहा कि छात्रों को भारतीय ज्ञान परंपरा से परिचित करा