नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
गया। जिले के टिकारी अनुमंडल अंतर्गत ग्राम पंचायत उतरेन के नन्हे प्रतिभाशाली बालक वाणीकांत ने अपनी विलक्षण स्मरण शक्ति और प्रतिभा के बल पर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वाणीकांत ने दुनिया के 195 देशों के राष्ट्रीय ध्वजों की पहचान कर उनके नाम तुरंत बताने की अद्भुत क्षमता के दम पर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है।
वाणीकांत, पिता रविकांत पांडेय, बेहद कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल करने वाले प्रतिभाशाली बच्चों में शामिल हो गए हैं। उनकी खासियत यह है कि किसी भी देश का झंडा देखते ही वे कुछ ही क्षणों में उसका सही नाम बता देते हैं। उनकी इस असाधारण प्रतिभा को आधिकारिक मान्यता मिलने के बाद पूरे परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
195 देशों के राष्ट्रीय ध्वजों को याद रखना और उनकी सटीक पहचान करना आसान नहीं है। वाणीकांत की इस सफलता के पीछे उनकी तेज स्मरण शक्ति, नियमित अभ्यास, सीखने की लगन और परिवार का निरंतर सहयोग महत्वपूर्ण रहा है। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से प्राप्त प्रमाण-पत्र ने उनकी उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।
ग्रामीण परिवेश से आने वाले वाणीकांत ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा संसाधनों की नहीं, बल्कि मेहनत और सही मार्गदर्शन की मोहताज होती है। उनकी सफलता से माता-पिता, परिजन और गांव के लोग बेहद गौरवान्वित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वाणीकांत ने टिकारी और गया जिले का नाम पूरे देश में रोशन किया है।
इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज होने के बाद वाणीकांत का अगला लक्ष्य एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान बनाना है। परिवार के अनुसार, वह इसके लिए तैयारी कर रहे हैं और भविष्य में विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने का भी सपना देख रहे हैं।
वाणीकांत की यह उपलब्धि उन बच्चों के लिए प्रेरणा है, जो अपनी प्रतिभा के दम पर नई ऊंचाइयों को छूना चाहते हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि लगन, मेहनत और परिवार का सहयोग मिले तो गांव का एक बच्चा भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकता है।