नवबिहार टाइम्स ब्यूरो
भागलपुर। भारतीय रेल लेखा सेवा (आईआरएएस) की वरिष्ठ अधिकारी गीतिका पांडेय ने शनिवार को पूर्व रेलवे की नई महाप्रबंधक (जीएम) के रूप में पदभार ग्रहण किया। उन्होंने कोलकाता स्थित पूर्व रेलवे मुख्यालय में कार्यभार संभाला। इससे पहले वह रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली में अपर सदस्य (योजना) के पद पर कार्यरत थीं।
वर्ष 1990 बैच की आईआरएएस अधिकारी पांडेय अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर हैं और स्वर्ण पदक विजेता भी हैं। भारतीय रेल में अपने लंबे सेवाकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और वित्तीय पदों पर कार्य किया है। इनमें डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) में अपर महाप्रबंधक (वित्त), रेलवे विद्युतीकरण केंद्रीय संगठन (कोर) में प्रधान वित्त सलाहकार, उत्तर पश्चिम रेलवे में उप महाप्रबंधक (सामान्य), जोधपुर मंडल में मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) तथा उत्तर पश्चिम रेलवे में प्रधान वित्त सलाहकार जैसे प्रमुख पद शामिल हैं।
प्रबंधन और वित्तीय नवाचार में उल्लेखनीय योगदान
सुश्री पांडेय ने अपने कार्यकाल में परिचालन, आधारभूत संरचना विकास, संविदा प्रबंधन, डिजिटल परिवर्तन और वित्तीय नवाचार के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने संस्थागत क्षमता निर्माण, पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन तथा यात्री एवं माल ग्राहकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया।
जोधपुर मंडल की मंडल रेल प्रबंधक के रूप में उन्होंने कोविड-19 महामारी जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कुशल नेतृत्व का परिचय दिया। उनके नेतृत्व में माल परिवहन से 177.16 करोड़ रुपये की आय अर्जित की गई, जो निर्धारित लक्ष्य का 161 प्रतिशत थी। कोविड की दूसरी लहर के दौरान जोधपुर मंडल रेलवे अस्पताल में रिकॉर्ड समय में ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र स्थापित कर चिकित्सा सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित की गई।
रेलवे विद्युतीकरण केंद्रीय संगठन (कोर) में प्रधान वित्त सलाहकार के रूप में उन्होंने 3,106.91 रूट किलोमीटर में फैली 16 विद्युतीकरण परियोजनाओं को अंतिम रूप देने में अहम भूमिका निभाई। वहीं रेलवे बोर्ड में अपर सदस्य (योजना) के रूप में उन्होंने भारतीय रेल की वित्तीय रणनीति, बजट योजना और नीति निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
प्रशिक्षण और सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय
सुश्री गीतिका पांडेय ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लिया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रतिवेदन मानक (आईएफआरएस) का कोर्स पूरा करने के साथ ही सिंगापुर स्थित इनसीड, आईसीसीआई (मलेशिया) तथा भारतीय रेल राष्ट्रीय अकादमी (एनएआईआर), वडोदरा में भी प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ उन्होंने सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। वह सोसाइटी फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट एक्टिविटीज रिसर्च एंड ट्रेनिंग की मानद सदस्य हैं तथा विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, लक्ष्य निर्धारण और चुनौतियों से निपटने जैसे विषयों पर प्रेरक व्याख्यान भी देती रही हैं।
पूर्व रेलवे ने उनके नेतृत्व में संगठन के और अधिक प्रगति करने की उम्मीद जताते हुए उनके सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दी हैं।